Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Buy SmartMag Now
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Box Bharat
    • Hindi News
    • News
      • Sport
      • Health
      • Videos
      • Technology
      • Entertainment
    • Sport
    • Videos
    • Politics
    • Latest
    • Business
    • Economy
    • World
    Subscribe
    News Box Bharat
    Home»Latest»झारखंड हाई कोर्ट से लगा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को झटका | जमानत याचिका खारिज
    Latest

    झारखंड हाई कोर्ट से लगा पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को झटका | जमानत याचिका खारिज

    News Box BharatBy News Box BharatJuly 11, 20253 Mins Read
    Jharkhand districts news | jharkhand latest news | jharkhand latest hindi news | jharkhand news box bharat
    Buy Ad Space

    Jharkhand High Court : झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता आलमगीर आलम को झारखंड हाई कोर्ट से 11 जुलाई 2025 को बड़ा झटका लगा, जब उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। यह मामला टेंडर आवंटन से जुड़े कथित कमीशन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है। आलम को 15 मई 2024 को ईडी ने गिरफ्तार किया था, और तब से वह जेल में हैं। आलमगीर आलम पर आरोप है कि उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान टेंडर आवंटन में कमीशन के जरिए अवैध धन अर्जित किया। ईडी की जांच के अनुसार, टेंडर आवंटन में 1.5% कमीशन लिया जाता था, जिसमें आलम का हिस्सा शामिल था। इस मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा तब हुआ, जब ईडी ने 6-7 मई 2024 को आलम के निजी सचिव संजीव कुमार लाल के घरेलू सहायक के आवास से लगभग 32 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। ईडी का दावा है कि यह राशि टेंडर घोटाले से जुड़ी थी और आलम ने अपने सहयोगियों के माध्यम से इस धन को शुद्ध करने (मनी लॉन्ड्रिंग) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    कोर्ट की सुनवाई और फैसला

    इससे पहले, रांची की विशेष पीएमएलए अदालत ने 9 अगस्त 2024 को आलम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आलम एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं, जो सबूतों को नष्ट कर सकते हैं या गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही, मनी लॉन्ड्रिंग को राष्ट्रीय हित के लिए खतरा मानते हुए कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराधों में “जेल नियम है, जमानत अपवाद।

    हाई कोर्ट में सुनवाई

    निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आलम ने झारखंड हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। 20 जून 2025 को जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने दोनों पक्षों (आलम और ईडी) की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 26 जून 2025 को बहस पूरी होने के बाद, हाई कोर्ट ने 11 जुलाई 2025 को जमानत याचिका खारिज कर दी

    ईडी के तर्क

    ईडी ने कोर्ट में दलील दी कि आलम के खिलाफ ठोस सबूत हैं, जिनमें चार्जशीट और बरामद नकदी शामिल है। एजेंसी ने यह भी कहा कि आलम एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं, जो स्वतंत्र होने पर जांच को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी ने इस मामले में कई अन्य आरोपियों, जैसे निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम और संजीव लाल, को भी गिरफ्तार किया गया था।

    आलम का पक्ष

    आलम ने अपनी याचिका में दावा किया कि वह निर्दोष हैं और उन्हें संदेह के आधार पर फंसाया गया है। उनके वकीलों ने 1500 पन्नों की लिखित दलीलें प्रस्तुत कीं, लेकिन कोर्ट ने उनके तर्कों को स्वीकार नहीं किया।

    मामले की जांच 2023 को शुरू

    ईडी ने इस मामले की जांच 21 फरवरी 2023 को शुरू की थी, जब निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। मई 2024 में संजीव लाल और जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी के बाद जांच का दायरा आलम तक पहुंचा। ईडी का दावा है कि टेंडर घोटाले में कुल मिलाकर 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

    सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प

    जमानत याचिका खारिज होने के बाद आलम को जेल में ही रहना होगा। हाई कोर्ट के इस फैसले से उनकी कानूनी लड़ाई और जटिल हो गई है। हालांकि, उनके पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प अभी बाकी है। यह मामला झारखंड में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ ईडी की सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। आलमगीर आलम जैसे प्रभावशाली राजनेता के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है।

    alamgir alam ED
    Previous ArticleHemant Cabinet: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त 2025 से 7 अगस्त 2025 तक
    Next Article रांची जिला अंडर-15 बालक टीम प्रमंडलीय सुब्रतो फुटबॉल चैंपियन

    Explore More

    March 24, 20261 Min Read

    क्या फुटबॉल से खत्म होगा नस्लवाद? Vinícius Júnior केस में स्पेन की अदालत का बड़ा फैसला, 3 दोषियों को सुनाई जेल की सजा

    March 10, 20264 Mins Read

    असम में हेमंत सोरेन का बड़ा बयान: आदिवासी समुदाय को अधिकार दिलाने के लिए एकजुट होने की अपील

    February 25, 20262 Mins Read

    अब ‘केरल’ नहीं, ‘केरलम’ कहिए: अपनी जड़ों की ओर लौटा एक राज्य

    Sponsored

    Fire-boltt Dhoni
    Latest Hindi News
    • पुणे मर्डर केस: शादी की तैयारियों के बीच मंगेतर की हत्या, लोहागढ़ फोर्ट बना मौत का गवाह June 24, 2026
    • 81 दिनों में 10 लाख AC बेचकर Voltas ने बनाया रिकॉर्ड, शेयरों में 5% की जोरदार उछाल June 24, 2026
    • पंजाब में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 6 महीने में 467 किलो हेरोइन जब्त, 55 तस्कर गिरफ्तार June 24, 2026
    • क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने रचा इतिहास! June 24, 2026
    • नीता अंबानी ने एंटीक मॉव स्वदेश चिकनकारी साड़ी पहनकर भारतीय हस्तशिल्प को सम्मान दिया।1 साल में बनी नीता अंबानी की खास साड़ी June 23, 2026
    • आदिवासी अधिकारों की आवाज रहे शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण June 23, 2026
    • कुणाल शाह की प्रेरक सफलता की कहानी, डिलीवरी बॉय से WhatsApp ग्लोबल हेड तक का सफर June 23, 2026
    • Lucknow Aliganj Fire Victims: ये सिर्फ नाम नहीं, देश के भविष्य थे… लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 युवाओं की तस्वीरें आईं सामने June 23, 2026
    • उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल June 23, 2026
    • घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण के बाद मरीजों ने रैंप वॉक कर पेश की प्रेरक कहानी, रांची में आयोजित हुआ खास कार्यक्रम। June 21, 2026
    Categories
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.