
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13-15 मई 2026 को चीन की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पूरी की। बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी हाई-प्रोफाइल मुलाकात हुई। यह 9 साल बाद ट्रंप की चीन यात्रा थी। दोनों नेताओं ने व्यापार, ताइवान, ईरान युद्ध, AI और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे:
- व्यापार और डील्स — ट्रंप ने “fantastic trade deals” का दावा किया। चीन ने 200 बोइंग एयरक्राफ्ट, $10 बिलियन से ज्यादा कृषि उत्पाद, ऊर्जा और मेडिकल डिवाइस खरीदने पर सहमति जताई। Elon Musk, Tim Cook, Jensen Huang जैसे CEOs भी ट्रंप के साथ थे।
- ताइवान मुद्दा — शी जिनपिंग ने सख्त चेतावनी दी: “ताइवान को गलत तरीके से हैंडल करने पर US-China रिश्ते खतरे में पड़ सकते हैं।” दोनों देशों के बीच “Thucydides Trap” (युद्ध का जाल) से बचने पर जोर।
- ईरान और होर्मुज स्ट्रेट — दोनों ने स्ट्रेट को खुला रखने पर सहमति जताई। चीन ने ज्यादा अमेरिकी तेल खरीदने की इच्छा जताई।
- अन्य — AI, रेयर अर्थ्स, टैरिफ और टेक्नोलॉजी पर बातचीत। कोई बहुत बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं, लेकिन रिश्तों को स्थिर करने पर सहमति।
दोनों नेताओं के बयान:
- शी जिनपिंग: “यह ऐतिहासिक यात्रा है। चीन का पुनरुत्थान और Make America Great Again साथ चल सकते हैं।”
- डोनाल्ड ट्रंप: “रिश्ते पहले से बेहतर हैं। शी मेरे अच्छे दोस्त हैं। सितंबर में व्हाइट हाउस आमंत्रित किया।”
विशेषज्ञों की राय:
यात्रा में पेजेंट्री ज्यादा थी, पॉलिसी ब्रेकथ्रू कम। ट्रंप ने इसे सफलता बताया, लेकिन विश्लेषक कहते हैं कि बड़े मुद्दों (ताइवान, व्यापार असंतुलन) पर अभी भी मतभेद बाकी हैं।
ट्रंप 15 मई को वापस अमेरिका लौट गए। शी को सितंबर 2026 में अमेरिका आने का निमंत्रण दिया गया है।
