

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव पर ओमान पहुँचे। मस्कट एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के दौरान एक छोटी-सी लेकिन चमकदार चीज़ ने सबका ध्यान खींच लिया। पीएम मोदी के बाएं कान में दिख रही डिवाइस को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई यूजर्स ने इसे फैशन स्टेटमेंट या ईयररिंग तक बता दिया।
हालांकि, बाद में साफ हुआ कि यह कोई गहना या स्टाइल एक्सेसरी नहीं थी, बल्कि एक हाई-टेक डिप्लोमैटिक डिवाइस थी।
क्या है पीएम मोदी के कान में दिखी डिवाइस?
प्रधानमंत्री मोदी ने जिस डिवाइस का इस्तेमाल किया, वह एक रियल-टाइम ट्रांसलेशन डिवाइस है, जिसे तकनीकी भाषा में Simultaneous Interpretation Earpiece कहा जाता है। इस तरह के ईयरपीस का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय बैठकों और उच्च-स्तरीय कूटनीतिक मुलाकातों में किया जाता है।
कैसे करता है यह डिवाइस काम?
ओमान की आधिकारिक भाषा अरबी है। जब किसी विदेशी नेता या अधिकारी द्वारा अपनी मातृभाषा में बातचीत की जाती है, तो यह डिवाइस तुरंत उसका अनुवाद कर पहनने वाले को सुनाती है। इससे बातचीत में किसी दुभाषिये पर निर्भरता कम हो जाती है और संवाद अधिक सहज व प्रभावी बनता है।
सूत्रों के अनुसार, यह डिवाइस पीएम मोदी ने ओमान के डिप्टी प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान पहनी थी, जहां यह कैमरों में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
ओमान यात्रा की प्रमुख उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही।
- FTA समझौता: भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) हुआ, जिसके तहत भारत के लगभग 98 प्रतिशत उत्पादों को ओमान में बिना टैक्स प्रवेश मिलेगा।
- सर्वोच्च नागरिक सम्मान: ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया।
- 70 वर्षों के राजनयिक संबंध: यह यात्रा भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई।
सोशल मीडिया पर फैला भ्रम
पीएम मोदी के कान में दिखी डिवाइस को लेकर सोशल मीडिया पर पहले इसे ईयररिंग समझा गया, लेकिन बाद में विशेषज्ञों और आधिकारिक जानकारी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि यह आधुनिक तकनीक से लैस ट्रांसलेशन टूल था।