Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Buy SmartMag Now
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Box Bharat
    • Hindi News
    • News
      • Sport
      • Health
      • Videos
      • Technology
      • Entertainment
    • Sport
    • Videos
    • Politics
    • Latest
    • Business
    • Economy
    • World
    Subscribe
    News Box Bharat
    Home»Latest»शराब घोटाला : सुप्रीम कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को मिली बेल
    Latest

    शराब घोटाला : सुप्रीम कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को मिली बेल

    News Box BharatBy News Box BharatSeptember 13, 2024Updated:September 13, 20245 Mins Read
    national news | national latest news | national latest hindi news | national news box bharat
    Buy Ad Space

    रांची। सुप्रीम कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को बेल मिल गई है। दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 13 सितंबर 2024 को फैसला सुनाया गया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने यह फैसला सुनाया। दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था, तब सीबीआई और केजरीवाल ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं थीं।

    दोनों जज ने केजरीवाल को जमानत दी

    जस्टिस सूर्यकांत ने कहा : इस प्रकार यह कोई आधार नहीं है कि धारा 41(ए)(3) का अनुपालन नहीं किया गया। जब मजिस्ट्रेट ने वारंट जारी किया है तो आईओ को इसके लिए कोई कारण बताने से छूट है। हमने माना है कि अपीलकर्ता की गिरफ्तारी में कोई प्रक्रियागत खामी नहीं है। इसलिए गिरफ्तारी वैध है।

    जस्टिस सूर्यकांत ने् कहा : अब जमानत पर… विकसित समाज के लिए जमानत पर एक विकसित न्यायशास्त्र की आवश्यकता है और मुकदमे के दौरान अभियुक्तों को लंबे समय तक कारावास में रखना उचित नहीं ठहराया जा सकता है और यह इस अदालत के निर्णयों में माना गया है… जब मुकदमा पटरी से उतर जाता है तो अदालत स्वतंत्रता की ओर झुकेगी… अनुच्छेद 21 पर चर्चा के बाद…

    जस्टिस सूर्यकांत ने कहा: इस बारे में कि क्या चार्जशीट दाखिल करना परिस्थिति में एक महत्वपूर्ण विकास है… यह है… लेकिन हम अपीलकर्ता को ट्रायल कोर्ट में नहीं भेज रहे हैं। हम अरविंद केजरीवाल को 10 लाख के जमानत बांड के अधीन जमानत पर रिहा करने का निर्देश देते हैं।

    जस्टिस सूर्यकांत: किसी मामले का सार्वजनिक आख्यान तैयार करने के संबंध में… अरविंद केजरीवाल इस मामले के बारे में कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे और जब तक छूट न दी जाए, ट्रायल कोर्ट के समक्ष सभी सुनवाइयों में उपस्थित रहेंगे।

    जस्टिस उज्जल भुयान: गिरफ्तारी की आवश्यकता और जरूरत पर…सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी जवाब से ज्यादा सवाल खड़े करती है! सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार करने की जरूरत महसूस नहीं की, हालांकि उनसे मार्च 2023 में पूछताछ की गई थी और यह तभी हुआ जब उनकी ईडी गिरफ्तारी पर रोक लगी…सीबीआई सक्रिय हो गई और उसने केजरीवाल की हिरासत मांगी और इस तरह 22 महीने से अधिक समय तक गिरफ्तारी की जरूरत नहीं पड़ी। सीबीआई द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई गिरफ्तारी के समय पर गंभीर सवाल उठाती है और सीबीआई द्वारा की गई इस तरह की गिरफ्तारी केवल ईडी मामले में दी गई जमानत को विफल करने के लिए थी।

    जस्टिस उज्जल भुयान: एएसजी राजू ने जोरदार ढंग से तर्क दिया कि केजरीवाल को जमानत के लिए पहले ट्रायल कोर्ट जाना होगा.. इस तरह की दलील स्वीकार नहीं की जा सकती और जब केजरीवाल को ईडी मामले में जमानत मिल गई है तो इस मामले में आगे हिरासत में रखना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। जमानत न्यायशास्त्र विकसित न्यायशास्त्र प्रणाली का एक पहलू है। इस प्रकार जमानत नियम है और जेल अपवाद है। मुकदमे की प्रक्रिया या गिरफ्तारी की ओर ले जाने वाले कदम उत्पीड़न नहीं बनने चाहिए। इस प्रकार सीबीआई की गिरफ्तारी अनुचित है और इसलिए अपीलकर्ता को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।

    जस्टिस उज्ज्वल भुयान: मुझे उन शर्तों पर गंभीर आपत्ति है, जो केजरीवाल को सचिवालय में प्रवेश करने या फाइलों पर हस्ताक्षर करने से रोकती हैं, लेकिन मैं न्यायिक संयम के कारण कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूं, क्योंकि यह एक अन्य ईडी मामले में था।

    जस्टिस उज्जल भुयान: सीबीआई को निष्पक्ष दिखना चाहिए और हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए ताकि गिरफ्तारी में मनमानी न हो। देश में धारणा मायने रखती है और सीबीआई को पिंजरे में बंद तोते की धारणा को दूर करना चाहिए और दिखाना चाहिए कि वह पिंजरे से बाहर निकला तोता है। सीबीआई को सीज़र की पत्नी की तरह होना चाहिए, संदेह से परे।

    जस्टिस भुयान: मुझे उन शर्तों पर गंभीर आपत्ति है जो केजरीवाल को कार्यालय में प्रवेश करने या फाइलों पर हस्ताक्षर करने से रोकती हैं। लेकिन मैं न्यायिक संयम के कारण टिप्पणी नहीं कर रहा हूं क्योंकि यह एक अलग ईडी मामले में था।

    सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत दे दी, लेकिन आबकारी नीति मामले में सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी को रद्द करने पर मतभेद। जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि सीबीआई द्वारा की गई गिरफ्तारी ईडी मामले में जमानत को निरर्थक बनाने का एक उपाय मात्र है। उन्होंने कहा कि सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता होने की धारणा को दूर करना चाहिए और ईडी मामले में जमानत की शर्त के खिलाफ आपत्ति जताई, जिसमें केजरीवाल को सीएम सचिवालय जाने या फाइलों पर हस्ताक्षर करने से रोका गया है

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत

    – सीबीआई की गिरफ़्तारी वैध है

    – अरविंद केजरीवाल को 10 लाख रुपये के ज़मानत बांड पर रिहा किया जाएगा

    – केजरीवाल सार्वजनिक रूप से मामले के बारे में टिप्पणी नहीं कर सकते

    – छूट मिलने तक ट्रायल के लिए उपस्थित रहें

    ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था

    केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था। 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया था। केजरीवाल को 10 मई को 21 दिन के लिए आम चुनाव में प्रचार के लिए रिहा किया गया था। ये रिहाई 51 दिन जेल में रहने के बाद मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की एक जून तक की रिहाई मंजूर की थी। 2 जून को केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था। आज यानी 13 सितंबर को केजरीवाल की रिहाई होती है तो कुल जेल गए 177 दिन हो जाएंगे, अगर 21 दिन की रिहाई को कम कर दिया जाए तो केजरीवाल कुल 156 दिन जेल में रहे।

    Cbi Delhi Cm Arvind Kejriwal
    Previous Articleसुप्रीम कोर्ट में सुबह 10:30 बजे अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनाया जाएगा फैसला
    Next Article राष्ट्रपति का कार्यक्रम : रांची में 19 व 20 सितंबर को निषेधाज्ञा | Drones-Paragliding व Hot Air Ballons पूर्णतः वर्जित

    Explore More

    March 24, 20261 Min Read

    क्या फुटबॉल से खत्म होगा नस्लवाद? Vinícius Júnior केस में स्पेन की अदालत का बड़ा फैसला, 3 दोषियों को सुनाई जेल की सजा

    March 15, 20262 Mins Read

    5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का शेड्यूल जारी: अप्रैल में वोटिंग, 4 मई को आएंगे नतीजे

    March 14, 20262 Mins Read

    PNG कनेक्शन वालों के लिए नया नियम: अब नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

    Sponsored

    Fire-boltt Dhoni
    Latest Hindi News
    • रांची में आधी रात पेट्रोल संकट! 10 से 12 बजे के बीच पंपों पर लगी लंबी कतारें May 15, 2026
    • आज Jharkhand T20 League 2026 की ट्रॉफी का भव्य अनावरण May 14, 2026
    • 1 वोट से जीतने वाले TVK विधायक को सुप्रीम कोर्ट से राहत, Madras HC के आदेश पर रोक May 14, 2026
    • प्रतीक यादव: राजनीति से दूर रहकर बनाया अपना बिजनेस साम्राज्य, अखिलेश यादव से ऐसा था रिश्ता May 14, 2026
    • नंदीग्राम या भवानीपुर? CM शुभेंदु अधिकारी ने चुनी अपनी सीट, इस सीट से देंगे इस्तीफा May 13, 2026
    • सोना खरीदें या रुकें? बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी और महंगाई से ज्वेलरी बाजार में ठंडा पड़ा कारोबार May 13, 2026
    • रांची के कांके डैम के पास मुठभेड़, शूटर सत्यम पाठक के पैरों में लगी गोली April 22, 2026
    • लोकसभा में बड़ा झटका: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पास नहीं, महिलाओं के आरक्षण पर अटका फैसला April 17, 2026
    • झारखंड में लोकायुक्त की नियुक्ति, Justice Amitabh Kumar Gupta संभालेंगे पद April 16, 2026
    • BIG BREAKING: रांची में करोड़ों का वेतन घोटाला! सरकारी कर्मचारी ने उड़ाए 2.9 करोड़ रुपये April 14, 2026
    Categories
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.