

रांची। झारखंड में युवाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने 8792 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और आने वाले समय में भी रोजगार देने का सिलसिला जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन उत्साह और गर्व से भरा है, लेकिन उनके मन में थोड़ी उदासी भी है क्योंकि दिशोम गुरु शिबू सोरेन इस ऐतिहासिक मौके पर हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने महान सुधारक ज्योतिबा फुले को उनकी पुण्यतिथि पर याद करते हुए उन्हें नमन किया।
ऐतिहासिक उपलब्धि और रोजगार का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की यह वर्षगांठ युवाओं के लिए विशेष रूप से ऐतिहासिक है। केवल इस वर्ष 16 हज़ार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और 8 हज़ार लोगों को गैर-सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के युवाओं को सक्षम बनाने के लिए सरकार पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है।
नौजवानों को जिम्मेदारी का संदेश
सीएम ने अभ्यर्थियों से कहा कि उनकी पोस्टिंग राज्य के विभिन्न जिलों में होगी और वे जहाँ भी जाएं, कम से कम एक नौजवान को अपने जैसा बनाने का संकल्प लें। उनका मानना है कि यदि यह संकल्प सफल होता है, तो झारखंड की तस्वीर बदल जाएगी।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक संवेदनशीलता
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि सहायक आचार्य में 40% और जेपीएससी सिविल सेवा में 30% महिलाएं चुनी गई हैं। उन्होंने एक महिला का उदाहरण भी दिया, जिसने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना से मिली राशि से पढ़ाई पूरी कर आज पदाधिकारी बनकर सम्मानित हुई।
नियुक्तियों का विवरण
इस समारोह में कुल 8792 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के तहत 197 उप समाहर्ता, 35 पुलिस उपाधीक्षक, 55 राज्य कर पदाधिकारी, 2 काराधीक्षक, 8 झारखंड शिक्षा सेवा श्रेणी-2, 1 जिला समादेष्टा, 8 सहायक निबंधक, 14 श्रम अधीक्षक, 6 प्रोबेशन पदाधिकारी, 3 उत्पाद निरीक्षक, 22 दंत चिकित्सक, 150 कीटपालक और 8291 सहायक आचार्य शामिल हैं। इसके अलावा, कर्तव्य के दौरान शहीद हुए 84 पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को भी अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
सामाजिक और प्रशासनिक सहभागिता
इस अवसर पर मंत्रीगण, राज्यसभा सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त और विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर वर्ग, चाहे आदिवासी, दलित, पिछड़ा, महिला, दिव्यांग या कम पढ़ा- लिखा व्यक्ति हो, सभी के लिए रोजगार और अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “राज्य को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सभी के कंधों पर है। सामूहिक प्रयासों से ही झारखंड एक मजबूत और सशक्त राज्य बन सकता है।”
