
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप क्षेत्र से बड़ी दुखद खबर सामने आई है। करीब 10 दिन से लापता मछली पकड़ने वाली ट्रॉलर ‘जय माँ काली’ आखिरकार समुद्र में पलटी हुई और डूबी अवस्था में मिल गई। ट्रॉलर से अब तक 9 मछुआरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6 मछुआरे अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर संयुक्त बचाव अभियान जारी है।
2 जुलाई को समुद्र में निकली थी ट्रॉलर
जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई को कुल 15 मछुआरे पूर्वी मेदिनीपुर के शंकरपुर बीच से हिल्सा मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में निकले थे। 5 जुलाई के बाद ट्रॉलर से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया, जिसके बाद परिजनों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई और व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया।
35 किलोमीटर दूर मिली पलटी हुई नाव
बचाव अभियान के तहत सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में खोज तेज की गई। रविवार दोपहर ट्रॉलर दक्षिण 24 परगना के बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर बाघेरचर इलाके के चुलकठी जंगल के पास पलटी हुई मिली।
इसके बाद ट्रॉलर को गोबरधनपुर के सीतारामपुर घाट लाया गया। नाव से पानी निकालने के दौरान एक-एक कर शव मिलने लगे। पहले एक शव, फिर पांच और बाद में चार अन्य शव बरामद किए गए। इस तरह कुल 9 शव बरामद हुए हैं।
6 मछुआरों की तलाश जारी
प्रशासन को आशंका है कि ट्रॉलर के अंदर या आसपास अभी और शव हो सकते हैं। इसी कारण कोस्ट गार्ड, वन विभाग और सुंदरबन पुलिस संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं। फिलहाल 6 लापता मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला है।
एक ही परिवार के तीन भाई भी लापता
लापता मछुआरों में ओडिशा के बालासोर जिले के भोगराई ब्लॉक के उलुडा गांव के तीन लोग शामिल हैं। इनमें एक ही परिवार के तीन भाई जयराम माझी, रवींद्र माझी और जगन्नाथ माझी भी शामिल हैं। अधिकांश मछुआरे पूर्वी मेदिनीपुर के शंकरपुर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।
घाटों पर जुटे परिजन, पहचान की प्रक्रिया जारी
ट्रॉलर मिलने की सूचना मिलते ही मृतकों और लापता मछुआरों के परिजन शंकरपुर, फ्रेजरगंज और सीतारामपुर घाट पर पहुंच गए। प्रशासन बरामद शवों की पहचान कराने की प्रक्रिया में जुटा है।
सरकार ने आर्थिक सहायता का भरोसा दिया
सुंदरबन विकास मंत्री दीपांकर जाना ने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मुआवजा जल्द से जल्द देने की अपील की है।
बचाव अभियान जारी
प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लापता मछुआरों का पता नहीं चल जाता, तब तक समुद्र और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
