
रांची: राजधानी रांची में नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक परिवार का घर और रोज़गार दोनों उजड़ गए। इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उर्सलाइन स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा लक्ष्मी मुंडा पर पड़ा, जो सुबह स्कूल गई थी और लौटने पर अपना घर मलबे में तब्दील मिला।
स्कूल से लौटी तो सामने था मलबे का ढेर
शनिवार सुबह लक्ष्मी मुंडा रोज़ की तरह पढ़ाई के लिए स्कूल गई थी। दोपहर में जब वह घर लौटी तो उसके सामने दिल दहला देने वाला दृश्य था। जिस घर से वह सुबह निकली थी, वहां अब सिर्फ टूटी दीवारें, बिखरा सामान और मलबा बचा था।
रांची नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम ने कार्रवाई के दौरान परिवार का घर और उनकी छोटी दुकान दोनों को ध्वस्त कर दिया। परिवार के अनुसार, यही दुकान उनकी आय का मुख्य स्रोत थी।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
कार्रवाई के बाद लगातार हो रही बारिश ने परिवार की परेशानी और बढ़ा दी है। घर टूटने के कारण परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। बारिश में लक्ष्मी की किताबें, कॉपियां और पढ़ाई का जरूरी सामान भी भीगकर खराब हो गया।
वैज्ञानिक बनने का सपना अधर में
लक्ष्मी मुंडा का सपना वैज्ञानिक बनने का है। उसका कहना है कि वह पढ़-लिखकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती थी, लेकिन अब घर और पढ़ाई का सामान दोनों छिन जाने से भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
उसके मुताबिक, ऐसी स्थिति में पढ़ाई जारी रखना बेहद कठिन हो गया है।
परिवार ने लगाई गुहार, लेकिन नहीं रुकी कार्रवाई
परिवार का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उन्होंने अधिकारियों से घर बचाने की अपील की, लेकिन बुलडोजर नहीं रुका। दुकान टूटने के बाद परिवार के सामने आजीविका का भी संकट खड़ा हो गया है।
लक्ष्मी की मां सरिता मुंडा ने बताया कि इस घटना से वह गहरे सदमे में हैं। उनके अनुसार, कार्रवाई के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह कई बार बेहोश हो गईं।
“यही हमारा सब कुछ था”
सरिता मुंडा ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस के सामने रह रहा था और लक्ष्मी का जन्म भी इसी घर में हुआ था। उनके अनुसार, यह मकान सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी की यादों से जुड़ा था। अब उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं बचा है।
भावुक कर देने वाला दृश्य
कार्रवाई के बाद लक्ष्मी मलबे के बीच भीगी हुई किताबों और कॉपियों को समेटती रही, जबकि उसकी मां टूटे हुए घर को देखकर रोती रहीं। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद कई स्थानीय लोग भी भावुक हो गए।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई के दौरान प्रशासन को मानवीय पहलुओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी कार्रवाई में बच्चों की पढ़ाई और परिवार की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्य बातें
- रांची नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई में परिवार का घर और दुकान ध्वस्त।
- उर्सलाइन स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा लक्ष्मी मुंडा स्कूल से लौटकर मलबा देखकर भावुक हुई।
- लगातार बारिश में किताबें और पढ़ाई का सामान भी खराब हुआ।
- परिवार के सामने रहने और रोज़गार दोनों का संकट।
- स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखने की मांग की।
