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    Home»Current Affairs»हार्वर्ड की ‘अगली आइंस्टीन’ जिन्होंने करोड़ों के ऑफर ठुकराकर चुनी विज्ञान की राह
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    हार्वर्ड की ‘अगली आइंस्टीन’ जिन्होंने करोड़ों के ऑफर ठुकराकर चुनी विज्ञान की राह

    News Box BharatBy News Box BharatJuly 12, 20264 Mins Read
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    सैब्रिना गोंजालेज पास्टर्स्की कौन हैं? जानिए हार्वर्ड की ‘अगली आइंस्टीन’ की प्रेरणादायक कहानी

    दुनिया में कुछ ऐसे वैज्ञानिक होते हैं जिनकी प्रतिभा उन्हें कम उम्र में ही अलग पहचान दिला देती है। सैब्रिना गोंजालेज पास्टर्स्की (Sabrina Gonzalez Pasterski) उन्हीं चुनिंदा नामों में शामिल हैं। उन्हें अक्सर “अगली अल्बर्ट आइंस्टीन” कहा जाता है। इसकी वजह सिर्फ उनकी असाधारण बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि विज्ञान के प्रति उनका समर्पण भी है।

    महज 14 वर्ष की उम्र में अपना विमान बनाकर उड़ाने वाली सैब्रिना ने बाद में MIT और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई की। उन्होंने करोड़ों रुपये के आकर्षक नौकरी प्रस्तावों को ठुकराकर शोध और विज्ञान को अपना जीवन समर्पित किया।

    14 साल की उम्र में बना डाला अपना विमान

    सैब्रिना का जन्म वर्ष 1993 में अमेरिका के शिकागो में हुआ था। बचपन से ही उन्हें विमान और अंतरिक्ष विज्ञान में गहरी रुचि थी।

    सिर्फ 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने Zenith CH 601 XL किट से अपना सिंगल-इंजन विमान बनाना शुरू किया। लगभग दो साल की मेहनत के बाद उन्होंने 14 वर्ष की उम्र में खुद उसी विमान को उड़ाकर इतिहास रच दिया।

    यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि उस समय उनकी उम्र ड्राइविंग लाइसेंस लेने की भी नहीं हुई थी।

    स्कूल के दिनों से ही दिखी असाधारण प्रतिभा

    सैब्रिना ने Illinois Mathematics and Science Academy में पढ़ाई की। यहां उन्होंने भौतिक विज्ञान में शानदार प्रदर्शन किया और International Physics Olympiad के सेमीफाइनल तक पहुंचीं।

    इसके अलावा उन्हें NASA के Kennedy Space Center और Blue Origin में इंटर्नशिप करने का अवसर भी मिला, जहां उन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान और एयरोस्पेस तकनीक का अनुभव प्राप्त किया।

    MIT में बनाया रिकॉर्ड

    MIT में प्रवेश के दौरान शुरुआत में उन्हें वेटलिस्ट किया गया था। लेकिन जब उन्होंने अपने बनाए विमान का वीडियो संस्थान को भेजा, तो उनका एडमिशन तुरंत स्वीकार कर लिया गया।

    साल 2013 में उन्होंने MIT के फिजिक्स विभाग से 5.0 GPA के साथ स्नातक की डिग्री पूरी की।

    उनकी उपलब्धियां:

    • MIT से 5.0 GPA के साथ टॉप करने वाली लगभग 20 वर्षों में पहली महिला बनीं।
    • प्रतिष्ठित Orloff Scholarship जीतने वाली पहली महिला बनीं।
    • फिजिक्स और एयरोस्पेस रिसर्च में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम किया।

    हार्वर्ड से पीएचडी और विश्वस्तरीय शोध

    सैब्रिना ने वर्ष 2019 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से सैद्धांतिक भौतिकी (Theoretical Physics) में पीएचडी पूरी की।

    उनके शोध निर्देशक प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी Andrew Strominger थे।

    उन्होंने Alexander Zhiboedov और स्ट्रोमिंगर के साथ मिलकर Spin Memory Effect पर महत्वपूर्ण शोध किया। यह खोज गुरुत्वाकर्षण तरंगों (Gravitational Waves), स्पेसटाइम और सूचना संरक्षण (Information Preservation) को समझने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    उनके इस शोध का उल्लेख प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने भी अपने अंतिम शोध पत्रों में किया था।

    करोड़ों के ऑफर ठुकराकर चुनी रिसर्च

    सैब्रिना की प्रतिभा को देखते हुए कई प्रतिष्ठित संस्थानों और कंपनियों ने उन्हें आकर्षक ऑफर दिए।

    बताया जाता है कि उन्होंने:

    • Brown University की उच्च वेतन वाली असिस्टेंट प्रोफेसरशिप स्वीकार नहीं की।
    • Blue Origin सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के ऑफर ठुकराए।
    • उद्योग जगत की बजाय स्वतंत्र वैज्ञानिक अनुसंधान को प्राथमिकता दी।

    उनका मानना है कि विज्ञान का उद्देश्य केवल करियर बनाना नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्यों को समझना है।

    सबसे युवा फैकल्टी मेंबर बनीं

    साल 2021 में सैब्रिना कनाडा के प्रसिद्ध Perimeter Institute for Theoretical Physics में सबसे युवा फैकल्टी सदस्यों में शामिल हुईं।

    इसके बाद उन्होंने Celestial Holography Initiative की शुरुआत की।

    साल 2023 में इस प्रोजेक्ट को Simons Foundation की ओर से लगभग 8 मिलियन डॉलर की रिसर्च ग्रांट भी मिली।

    क्यों कहा जाता है ‘अगली आइंस्टीन’?

    सैब्रिना जिन विषयों पर शोध कर रही हैं, वे आधुनिक भौतिकी के सबसे कठिन क्षेत्रों में गिने जाते हैं।

    इनमें शामिल हैं:

    • Quantum Gravity
    • Black Holes
    • Spacetime
    • Celestial Holography
    • Gravitational Waves

    इन्हीं क्षेत्रों पर उनका योगदान उन्हें नई पीढ़ी के सबसे प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों में शामिल करता है।

    सैब्रिना का प्रेरणादायक संदेश

    सैब्रिना का मानना है कि विज्ञान में सबसे बड़ा रोमांच नई खोज करना है।

    उनका प्रसिद्ध विचार है:

    “फिजिक्स की सबसे खूबसूरत बात यह है कि आपको कभी नहीं पता होता कि अगले कुछ वर्षों में आप कौन-सी नई समस्या का समाधान खोज लेंगे।”

    युवाओं के लिए सीख

    सैब्रिना गोंजालेज पास्टर्स्की की कहानी बताती है कि असली सफलता केवल धन या प्रसिद्धि से नहीं मापी जाती।

    उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि जिज्ञासा, मेहनत और सीखने की इच्छा हो, तो दुनिया की सबसे बड़ी उपलब्धियां भी हासिल की जा सकती हैं।

    आज सैब्रिना गोंजालेज पास्टर्स्की दुनिया की सबसे चर्चित युवा भौतिक वैज्ञानिकों में गिनी जाती हैं। कम उम्र में विमान बनाना, MIT और हार्वर्ड जैसे संस्थानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना, महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध करना और करोड़ों के आकर्षक ऑफर ठुकराकर विज्ञान को प्राथमिकता देना उन्हें वास्तव में प्रेरणादायक बनाता है।

    उनकी कहानी हर उस छात्र, शोधकर्ता और विज्ञान प्रेमी के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को जुनून और मेहनत के दम पर पूरा करना चाहता है।

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