
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से भूख हड़ताल (अनशन) में शामिल न होने की अपील करते हुए कहा कि लंबी लड़ाई लड़ने के लिए सभी का स्वस्थ रहना जरूरी है।
छात्रों से अनशन न करने की अपील
एक यूट्यूब इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने सभी आंदोलनकारियों से बार-बार अनुरोध किया है कि वे भूख हड़ताल पर न बैठें।
उन्होंने कहा,
“मैंने सबको बहुत मना किया है। कृपया आप लोग भूख हड़ताल मत कीजिए। अगर सब अनशन पर बैठ गए तो आंदोलन कौन संभालेगा? सरकार को इसकी परवाह नहीं है। लड़ाई लंबी है, इसलिए सभी का फिट रहना जरूरी है।”
“सोनम वांगचुक को अनशन का अनुभव है”
दीपके ने अपने बयान में कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक लंबे समय से जन आंदोलनों से जुड़े रहे हैं और उन्हें अनशन का अनुभव है।
उन्होंने कहा,
“सोनम सर को अनशन का अनुभव है। वे खुद को संभाल सकते हैं। लेकिन बाकी बच्चों की सेहत को लेकर मुझे चिंता है। हम अपनी जान रिस्क में क्यों डालें?”
जंतर-मंतर पर 9वें दिन भी जारी है अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 9 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे हैं। जानकारी के अनुसार, उनके वजन में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। इससे पहले वांगचुक ने समर्थकों से अपील की थी कि वे अनावश्यक भोजन की बर्बादी न करें और प्रतीकात्मक रूप से एक दिन का अनशन कर आंदोलन का समर्थन करें।
NEET पेपर लीक को लेकर जारी है विरोध
NEET पेपर लीक मामले को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
अभिजीत दीपके का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। कई लोग इसे आंदोलन की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग छात्रों की सेहत को प्राथमिकता देने वाली अपील का समर्थन कर रहे हैं।
