

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव दिसंबर 2025 में खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन द्वारा अपनाई गई कड़ी नीतियों और समुद्री कार्रवाई के बाद हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री (Homeland Security Secretary) क्रिस्टी नोएम का बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल लाने वाला माना जा रहा है।
‘मादुरो को जाना होगा’ – क्रिस्टी नोएम
22 दिसंबर 2025 को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में क्रिस्टी नोएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा—
“हम सिर्फ इन जहाजों को रोक नहीं रहे हैं, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि मादुरो जिस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल हैं, वह बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्हें जाना होगा (He needs to be gone)। हम अपने लोगों के लिए खड़े होंगे।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान वेनेजुएला में शासन परिवर्तन (Regime Change) को लेकर अमेरिका की अब तक की सबसे स्पष्ट चेतावनी है।
नार्को-टेररिज्म और फेंटानिल तस्करी का आरोप
क्रिस्टी नोएम ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका शासन अवैध तेल व्यापार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल नार्को-टेररिज्म के लिए कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इसी पैसे से अमेरिका में फेंटानिल जैसी खतरनाक ड्रग्स की तस्करी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
तेल टैंकरों पर कार्रवाई, कोस्ट गार्ड की बड़ी कार्रवाई
दिसंबर 2025 में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने वेनेजुएला से तेल लेकर जा रहे कम से कम दो टैंकरों को जब्त किया। इनमें से एक टैंकर का नाम “Centuries” बताया गया है।
क्रिस्टी नोएम ने इन ऑपरेशनों के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
कैरिबियन में अमेरिकी नौसैनिक ताकत का प्रदर्शन
तनाव के बीच अमेरिका ने कैरिबियन सागर में विशाल नौसैनिक बेड़ा तैनात कर दिया है, जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल है।
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद मादुरो को लेकर कहा—
“उसके दिन गिने जा चुके हैं।”
ट्रंप ने कई मौकों पर ग्राउंड इनवेजन की संभावना से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया है।
वेनेजुएला का पलटवार: ‘समुद्री डकैती’
वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी कार्रवाइयों को “अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती” और “समुद्री चोरी” करार दिया है।
राष्ट्रपति मादुरो ने आरोप लगाया कि अमेरिका उनकी सरकार को गिराने की साजिश रच रहा है और इस मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले जाने की बात कही है।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार यह टकराव केवल अमेरिका और वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा।
इसका असर—
- वैश्विक तेल आपूर्ति
- लातिन अमेरिका की स्थिरता
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून
पर पड़ सकता है।
चीन और ईरान जैसे देश, जो वेनेजुएला से तेल खरीदते हैं, भी इस संकट से सीधे प्रभावित हो सकते हैं।
आगे क्या?
हालात तेजी से बदल रहे हैं। अगर—
- तीसरा टैंकर जब्त होता है
- या सैन्य कार्रवाई होती है
तो यह तनाव सीधे बड़े क्षेत्रीय या अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल सकता है। क्रिस्टी नोएम का बयान साफ संकेत देता है कि अमेरिका अब वेनेजुएला के खिलाफ सिर्फ कूटनीतिक दबाव नहीं, बल्कि आक्रामक रणनीति की ओर बढ़ चुका है। आने वाले दिन अमेरिका–वेनेजुएला संबंधों के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।