

पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे और रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल ने सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को पटियाला स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में स्थानीय पारस अस्पताल (Park Hospital) में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
12 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
पुलिस को घटनास्थल से 12 पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें अमर सिंह चहल ने दावा किया है कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए थे। नोट के मुताबिक, उन्होंने ऑनलाइन निवेश के नाम पर करीब 8.10 करोड़ रुपये गंवा दिए, जिससे वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए थे।
व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप के जरिए ठगी
सुसाइड नोट में चहल ने बताया कि उन्हें ‘F-777 DBS Wealth Equity Research Group’ नाम के एक व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया था। ग्रुप के जरिए शेयर मार्केट और निवेश में भारी मुनाफे का लालच दिया गया।
धोखेबाजों ने अलग-अलग किस्तों में रकम जमा करवाई और बाद में “सर्विस टैक्स” के नाम पर भी करोड़ों रुपये वसूले।
गनर की सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली
पूर्व आईजी ने आत्महत्या के प्रयास में अपने गनर की सर्विस राइफल का इस्तेमाल किया। हालांकि, सुसाइड नोट में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस घटना में उनके गनर की कोई भी गलती नहीं है और उसे इसके लिए जिम्मेदार न ठहराया जाए।
पहले भी विवादों में रहा नाम
गौरतलब है कि अमर सिंह चहल का नाम 2015 के बहुचर्चित बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड में भी बतौर आरोपी सामने आ चुका है। इस मामले की जांच अभी भी चल रही है और इसे लेकर वह पहले से कानूनी दबाव में थे।
पुलिस और साइबर सेल की जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही पटियाला पुलिस और साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में जिन बैंक खातों, व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स का जिक्र किया गया है, उनकी गहन जांच की जा रही है।
एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता अमर सिंह चहल की जान बचाना है। उनकी हालत में सुधार होने के बाद पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी