
भारत और ब्रिटेन (UK) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-UK Free Trade Agreement) लागू होने के एक दिन बाद ही भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग को बड़ी सफलता मिली है। 15 जुलाई 2026 से प्रभावी हुए इस समझौते के तहत कोलकाता से पहली बार सोना, चांदी और हीरे के आभूषणों की जीरो ड्यूटी वाली खेप ब्रिटेन भेजी गई है। इससे भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की उम्मीद है।
27 करोड़ रुपये की पहली ज्वेलरी खेप ब्रिटेन भेजी गई
कोलकाता के छह प्रमुख निर्यातकों ने करीब 27 करोड़ रुपये मूल्य के सोना, चांदी और हीरे के आभूषण ब्रिटेन के लिए निर्यात किए हैं।
इन कंपनियों में शामिल हैं:
- जैस ज्वैलरी प्राइवेट लिमिटेड
- मॉडर्न इम्पेक्स
- एल गोपाल एंड संस (ज्वेलर्स)
- एबी ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड
- जेएस ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड
- हसमुख पारेख ज्वैलर्स
यह भारत-UK FTA लागू होने के बाद पहली आधिकारिक जीरो ड्यूटी शिपमेंट मानी जा रही है।
अब ब्रिटेन में नहीं लगेगी आयात शुल्क
जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के अनुसार, भारत-UK FTA के तहत भारतीय रत्न एवं आभूषणों पर ब्रिटेन में लगने वाला 2% तक का आयात शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इस फैसले से भारतीय उत्पाद ब्रिटिश बाजार में पहले की तुलना में अधिक किफायती और प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जिससे निर्यात में तेजी आने की संभावना है।
उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा
GJEPC के पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष पंकज पारेख और परिषद के चेयरमैन किरित भंसाली ने कहा कि यह समझौता भारतीय ज्वेलरी उद्योग के लिए ऐतिहासिक अवसर है।
उनके अनुसार:
- ब्रिटेन का आभूषण बाजार करीब 4 अरब डॉलर का है।
- भारतीय निर्यातकों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी।
- अगले तीन वर्षों में भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात में करीब 2.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि होने की संभावना है।
पीयूष गोयल ने क्या कहा?
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-UK FTA के लागू होने से भारत के करीब 99% निर्यात उत्पादों को जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा, जो कुल व्यापार मूल्य के लगभग 100% हिस्से को कवर करता है।
उन्होंने इसे भारत के निर्यातकों और विनिर्माण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
भारत-UK FTA से क्या होंगे फायदे?
- ब्रिटेन में भारतीय सोना, चांदी और हीरे के आभूषण सस्ते होंगे।
- भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- पश्चिम बंगाल सहित देशभर के जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।
भारत-UK व्यापार संबंधों में नई शुरुआत
भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने के बाद जीरो ड्यूटी के साथ भेजी गई यह पहली ज्वेलरी खेप दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग के नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारतीय रत्न एवं आभूषण निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।
