
रांची: राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर के पट खुलते ही भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। झारखंड सहित आसपास के राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर परिसर ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है।
आज निकलेगी भव्य रथ यात्रा
विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा को पारंपरिक विधि-विधान के साथ भव्य रथ पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान का रथ मौसीबाड़ी के लिए रवाना होगा।
रथ यात्रा में शामिल होने और भगवान का रथ खींचने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन का अनुमान है कि पूरे दिन लाखों श्रद्धालु रथ यात्रा और मेले में शामिल होंगे।
सुरक्षा और ट्रैफिक के व्यापक इंतजाम
रथ यात्रा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। मंदिर परिसर और रथ मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।
प्रशासन की ओर से निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं:
- रथ मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम
- भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल
- ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था
- सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी
- एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती
- श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा
झारखंड की सबसे प्राचीन रथ यात्रा
जगन्नाथपुर की रथ यात्रा झारखंड की सबसे पुरानी और प्रसिद्ध धार्मिक परंपराओं में गिनी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ खींचने के लिए यहां पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि रथ यात्रा के दौरान रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
मेले में भी उमड़ी रौनक
रथ यात्रा के साथ लगने वाला पारंपरिक मेला भी सुबह से ही गुलजार हो गया है। मेले में पूजा सामग्री, खिलौने, मिठाइयों, झारखंडी व्यंजनों और घरेलू सामान की दुकानों पर अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही है। परिवारों और बच्चों के लिए यह मेला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में मौके पर मौजूद पुलिस या हेल्प डेस्क से संपर्क करें।
