
वन और वनवासी के बीच संतुलन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला तय करेगा सारंडा का भविष्य
सारंडा अभयारण्य सीमांकन विवाद पर झारखंड की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकीं
रांची. उच्चतम न्यायालय जल्द ही यह तय करेगा कि झारखंड सरकार सारंडा अभयारण्य को 310 वर्ग किलोमीटर के बजाय 250 वर्ग किलोमीटर में अधिसूचित कर सकती है या नहीं। सरकार चाहती है कि करीब 60 वर्ग किलोमीटर का इलाका अभयारण्य से बाहर रखा जाए। यह इलाका आदिवासी समुदाय के घरों और उनके स्कूलों जैसे शैक्षणिक संस्थानों वाला है। सरकार का कहना है कि ऐसा करने से आदिवासियों के वन अधिकार और उनके रहने की जगह सुरक्षित रहेंगे। अब इस मामले पर अंतिम फैसला उच्चतम न्यायालय देगा।
