

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की करारी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के करीबी सलाहकारों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीति और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया है।
रोहिणी आचार्य के विस्फोटक आरोपों ने पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है, जिसने RJD की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रोहिणी आचार्य के मुख्य आरोप और घटनाक्रम:
- राजनीति और परिवार से नाता तोड़ना: रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घोषणा की कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने लिखा, “सारा दोष मैं अपने ऊपर ले रही हूँ, संजय यादव-रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था। मैं राजनीति छोड़ रही हूँ और परिवार से नाता तोड़ रही हूँ।”
- तेजस्वी के सलाहकारों पर निशाना: उनके निशाने पर मुख्य रूप से तेजस्वी यादव के दो करीबी रहे हैं – RJD सांसद संजय यादव और उनके कोर टीम के सदस्य रमीज। रोहिणी ने इन दोनों पर चुनावी हार की जिम्मेदारी से बचने और पार्टी में अति-हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
- अपमान और दुर्व्यवहार के आरोप: रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि उन्हें घर में अपमानित किया गया, “गंदी गालियां” दी गईं और उन पर “चप्पल उठाकर मारने” की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया है।
- किडनी दान पर ताना: रोहिणी ने आरोप लगाया कि उन्हें 2022 में अपने पिता लालू यादव को किडनी दान करने के लिए भी ताना मारा गया। उन्होंने कहा कि उन पर “गंदी किडनी” देने और इसके बदले “करोड़ों रुपये लेने” का झूठा आरोप लगाया गया।
- अन्य बेटियों का पटना छोड़ना: रोहिणी आचार्य के आरोपों के बाद लालू यादव की तीन और बेटियां – रागिनी, चंदा और राजलक्ष्मी – भी बच्चों के साथ पटना आवास छोड़कर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं, जिससे विवाद और गहरा गया है।
- तेज प्रताप यादव का समर्थन: रोहिणी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव, जिन्हें पहले RJD से निष्कासित कर दिया गया था, ने अपनी बहन का समर्थन किया है। उन्होंने ‘देशद्रोही’ कहे जाने वाले लोगों को चेतावनी दी और लालू यादव से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की।
- RJD की चुप्पी और राजनीतिक प्रतिक्रिया: RJD नेतृत्व की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी प्रवक्ता ने इसे ‘पारिवारिक मामला’ बताया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता चिराग पासवान सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है, जहां चिराग पासवान ने परिवार के दर्द को समझने की बात कही है।
विवाद की जड़
यह विवाद RJD की बिहार चुनाव में हुई करारी हार के बाद शुरू हुआ, जिसमें तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली पार्टी महज 25 सीटों पर सिमट गई। रोहिणी आचार्य ने हार के लिए तेजस्वी के करीबियों की रणनीतिक गलतियों को जिम्मेदार ठहराया था। इस घटनाक्रम को लालू परिवार में तेजस्वी यादव और उनके सलाहकारों के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ अंदरूनी असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।