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    PMAY-U: 1.25 करोड़ घर मंजूर, 1 करोड़ से ज्यादा पूरे; फिर भी क्यों हो रहा 3600 आवेदनों का सत्यापन?

    News Box BharatBy News Box BharatAugust 10, 20266 Mins Read
    : प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत घर और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया
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    प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत देशभर में आवास निर्माण का आंकड़ा एक बड़े मुकाम पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार के मुताबिक PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से अधिक घर मंजूर किए जा चुके हैं और 1 करोड़ से ज्यादा घर बनाकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। लेकिन दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल में 3,600 शहरी आवास आवेदनों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है।

    इन दोनों घटनाओं को साथ रखकर देखें तो PMAY-U की तस्वीर का एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है—योजना का पैमाना कितना भी बड़ा हो, किसी व्यक्ति को घर का लाभ मिलने से पहले उसकी पात्रता की जांच जरूरी है।

    देश में 1.25 करोड़ से ज्यादा घर मंजूर

    आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 तक PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से ज्यादा मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से एक करोड़ से अधिक घर पूरे होकर लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। योजना का उद्देश्य शहरी इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है।

    सरकार ने PMAY-U 2.0 के जरिए आने वाले वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त शहरी परिवारों को आवास संबंधी सहायता देने का लक्ष्य रखा है। योजना में पात्र परिवार घर बनाने, खरीदने या कुछ परिस्थितियों में किफायती आवास विकल्प हासिल करने के लिए सहायता पा सकते हैं।

    महिलाओं के नाम पर घर देने पर खास जोर

    PMAY-U की एक महत्वपूर्ण विशेषता महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व से जोड़ना भी है।

    केंद्र सरकार के अनुसार PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों में बड़ी संख्या महिलाओं के नाम या महिला परिवार प्रमुख के नाम पर दर्ज की जा रही है। जून 2026 में PMAY-U 2.0 की सातवीं केंद्रीय मंजूरी बैठक में स्वीकृत 16.13 लाख घरों में से 97 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए थे।

    मई 2026 के सरकारी आंकड़ों में भी PMAY-U 2.0 के करीब 96 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम दर्ज होने की जानकारी दी गई थी।

    इसका मतलब सिर्फ आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि परिवार की महिला को संपत्ति के अधिकार से जोड़ना भी योजना के प्रमुख सामाजिक पहलुओं में शामिल है।

    फिर संतकबीरनगर में 3,600 आवेदनों की जांच क्यों?

    उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले की मेंहदावल नगर पंचायत में PMAY के दूसरे चरण के तहत करीब 3,600 आवेदन मिले हैं। शासन के निर्देश के बाद इन आवेदनों की पात्रता की जांच की जा रही है।

    रिपोर्ट के अनुसार 10 फरवरी 2025 से 8 जुलाई 2026 के बीच किए गए शहरी आवास आवेदनों का सत्यापन कराया जा रहा है। तहसील के लेखपाल संबंधित वार्डों में जाकर आवेदकों की वास्तविक स्थिति देखेंगे और आवेदन में दर्ज जानकारी से उसका मिलान करेंगे।

    यानी केवल ऑनलाइन या कागजी आवेदन कर देना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन यह देखना चाहता है कि आवेदक वास्तव में योजना के निर्धारित मानकों को पूरा करता है या नहीं।

    Verification का मतलब आवेदन खारिज होना नहीं

    यह बात आवेदकों के लिए समझना सबसे जरूरी है।

    सत्यापन का मतलब यह नहीं है कि 3,600 लोगों के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। इसका अर्थ है कि प्रशासन पात्र और अपात्र आवेदकों की पहचान करने के लिए दस्तावेजों और जमीनी स्थिति की जांच कर रहा है।

    स्थलीय जांच के बाद पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी और उसे संबंधित प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।

    PMAY-U में पात्रता की जांच क्यों जरूरी है?

    PMAY-U 2.0 एक demand-driven scheme है। यानी राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों के स्तर पर आवास की जरूरत और पात्र लाभार्थियों का आकलन किया जाता है। इसके बाद पात्रता की पुष्टि और परियोजना प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

    योजना के तहत EWS, LIG और MIG वर्ग के पात्र शहरी परिवारों को सहायता दी जा सकती है। PMAY-U 2.0 में ऐसे परिवार पात्रता के दायरे में आते हैं जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है और जो योजना की अन्य शर्तों को पूरा करते हैं।

    इसीलिए स्थानीय स्तर पर verification महत्वपूर्ण हो जाता है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि आवेदन में दी गई जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल खाती है या नहीं।

    PMAY-U 2.0 में क्या बदला?

    PMAY-U 2.0 को सितंबर 2024 में शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ अतिरिक्त पात्र शहरी परिवारों की आवास जरूरत पूरी करना है।

    योजना को चार प्रमुख हिस्सों में लागू किया जा रहा है:

    • Beneficiary Led Construction (BLC) – पात्र लाभार्थी को अपने घर के निर्माण के लिए सहायता।
    • Affordable Housing in Partnership (AHP) – साझेदारी के जरिए किफायती आवास।
    • Affordable Rental Housing (ARH) – किफायती किराये के आवास।
    • Interest Subsidy Scheme (ISS) – पात्र परिवारों को होम लोन के ब्याज पर सहायता।

    सरकार के अनुसार PMAY-U 2.0 के तहत पात्र परिवारों को घर बनाने या खरीदने के लिए अधिकतम ₹2.50 लाख तक की सरकारी सहायता का प्रावधान है, हालांकि वास्तविक सहायता संबंधित श्रेणी और योजना के नियमों पर निर्भर करती है।

    बड़े आंकड़े और जमीन की हकीकत को साथ समझना जरूरी

    PMAY-U के आंकड़े बताते हैं कि देशभर में योजना का विस्तार बड़े पैमाने पर हुआ है। वहीं मेंहदावल का 3,600 आवेदनों वाला मामला दिखाता है कि राष्ट्रीय स्तर का लक्ष्य आखिरकार स्थानीय प्रशासन की जांच और प्रक्रिया से होकर ही लाभार्थी तक पहुंचता है।

    यही वजह है कि किसी योजना के सिर्फ “कितने घर मंजूर हुए” आंकड़े को देखना पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि कितने आवेदन सत्यापित हुए, कितने घर निर्माणाधीन हैं, कितने पूरे हुए और कितने परिवारों को वास्तव में घर की चाबी मिली।

    एक नजर में PMAY-U के अहम आंकड़े

    आंकड़ास्थिति
    PMAY-U + PMAY-U 2.0 मंजूर घर1.25 करोड़+
    पूरे होकर दिए गए घर1 करोड़+
    PMAY-U 2.0 का अतिरिक्त लक्ष्य1 करोड़ परिवार
    PMAY-U 2.0 में सहायता₹2.50 लाख तक
    मेंहदावल में सत्यापन वाले आवेदन3,600
    PMAY-U 2.0 में महिलाओं को आवंटनलगभग 96–97%

    देशव्यापी आंकड़े अगस्त 2026 और हालिया सरकारी रिपोर्टों पर आधारित हैं; महिला स्वामित्व का प्रतिशत अलग-अलग समीक्षा तिथियों के अनुसार 96% से 97% के आसपास दर्ज किया गया है।निष्कर्ष

    PMAY-U की कहानी सिर्फ करोड़ों घरों की मंजूरी की कहानी नहीं है। असली सवाल यह है कि सही व्यक्ति तक सहायता कैसे पहुंचे।

    संतकबीरनगर में 3,600 आवेदनों का सत्यापन इसी प्रक्रिया का स्थानीय उदाहरण है। एक तरफ केंद्र का दावा है कि एक करोड़ से ज्यादा शहरी घर लाभार्थियों तक पहुंच चुके हैं, दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि अगली सूची में शामिल होने वाले परिवार वास्तव में योजना के नियमों के अनुसार पात्र हों।

    यानी PMAY-U का अगला बड़ा सवाल सिर्फ “कितने घर बने?” नहीं, बल्कि “कितने सही परिवारों तक पहुंचे?” भी है।

    PMAY-U 2.0 प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी आवास योजना
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