

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में शुक्रवार तड़के एक भीषण बस हादसा हुआ, जिसमें हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक प्राइवेट वॉल्वो बस में आग लग गई। इस दुर्घटना में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा चिन्नाटेकुर गांव के पास हुआ, जब बस एक मोटरसाइकिल से टकराई और आग लग गई।
एक ही परिवार के चार सदस्य जिंदा जले
इस हादसे में नेल्लोर जिले के एक ही परिवार के चार सदस्य जिंदा जल गए। रमेश (37), उनकी पत्नी गोल्ला अनुषा (32), बेटा मनीष (12) और बेटी मनिथवा (10) की मौत हो गई। रमेश पिछले 15 वर्षों से बेंगलुरु स्थित एक कंपनी में कार्यरत थे और काम के सिलसिले में परिवार के साथ हैदराबाद गए थे। लौटते समय यह दर्दनाक हादसा हुआ।
आग की भयावहता और दरवाजों का जाम होना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस के ऑटोमेटिक दरवाजे आग लगने के कारण जाम हो गए, जिससे यात्री बाहर नहीं निकल सके। बस में शीशे तोड़ने के लिए कोई उपकरण नहीं था, जिससे आग के भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि बस कुछ ही मिनटों में जलकर खाक हो गई।
सरकारी प्रतिक्रिया और मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। तेलंगाना सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल
आंध्र प्रदेश सरकार ने हादसे की जांच के लिए एक पैनल गठित किया है। डीआईजी कोया प्रवीण ने बताया कि बस में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बस में अग्नि नियंत्रण के कोई उपाय नहीं थे, जो कि सुरक्षा मानकों की कमी को दर्शाता है।
