

मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखी: TMC से निलंबित MLA हुमायूं कबीर का विवादित कदम, सुरक्षा घेरे के बीच कार्यक्रम सम्पन्न
मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल), 6 दिसंबर 2025।
अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक ऐसा कार्यक्रम हुआ जिसने राज्य की राजनीति को गरमा दिया। TMC से हाल ही में निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बेलडंगा में ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर एक नई मस्जिद का शिलान्यास कर दिया। इस कदम ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया, जिसके चलते प्रशासन को 3,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करनी पड़ी।
भारी भीड़, नारेबाजी और हाई-प्रोफ़ाइल शिलान्यास
कबीर ने मंच पर मौलवियों की मौजूदगी में रिबन काटकर नींव रखी। कार्यक्रम में हजारों लोग जुटे और नारेबाजी भी हुई।
कबीर ने कहा कि बंगाल की 37% मुस्लिम आबादी इस मस्जिद को किसी भी कीमत पर बनाएगी। उन्होंने दावा किया:
“अयोध्या में जो मस्जिद तोड़ी गई, वह विवादित थी। लेकिन बंगाल के 4 करोड़ मुसलमानों को बाबरी मस्जिद बनाने का पूरा हक है। कोई ईंट हिला नहीं सकता।”
शिलान्यास के साथ कबीर ने एक बड़ा ऐलान भी किया —
300 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल, गेस्ट हाउस, मीटिंग हॉल, मेडिकल कॉलेज, लाइब्रेरी, पार्क और हेलीपैड भी बनाया जाएगा।
TMC की सफाई: ‘निलंबन धर्म की राजनीति से जुड़ा नहीं’
कबीर के विवादित बयान और मुस्लिम कंट्रोल के दावे के एक दिन बाद TMC ने उन्हें निलंबित कर दिया।
लेकिन पार्टी ने साफ किया कि निलंबन बाबरी मस्जिद प्लान से नहीं, बल्कि उनकी बार-बार की एंटी-पार्टी गतिविधियों के कारण हुआ।
TMC नेता फिरहाद हकीम ने कहा:
“हम धर्म की राजनीति करने वालों को बर्दाश्त नहीं करते।”
कबीर ने निलंबन के बाद TMC से इस्तीफा देने और 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी लॉन्च करने की घोषणा कर दी है। वे दावा कर रहे हैं कि वे 2026 विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे।
कबीर के पुराने विवाद: कांग्रेस से BJP और फिर TMC तक
हुमायूं कबीर का राजनीतिक सफर विवादों से भरा रहा है।
- 2019 में उन्होंने BJP टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा।
- 2024 में हिंदुओं को नदी में फेंकने जैसे बयान पर विवाद खड़ा किया।
- नवंबर 2024 में अभिषेक बनर्जी को डिप्टी सीएम बनाने की मांग कर शो-कॉज नोटिस मिला।
- मार्च 2025 में सुवेंदु अधिकारी को धमकी देने के आरोप लगे।
और अब यह नया विवाद जुड़ गया है।
कोर्ट ने रोका नहीं, लेकिन राज्य को चेताया
शिलान्यास रोकने की मांग वाली एक PIL पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कार्यक्रम को रोकने का कोई आधार नहीं, लेकिन राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए।
कबीर का दावा है:
“मैं कुछ भी असंवैधानिक नहीं कर रहा हूँ। संविधान मस्जिद बनाने का अधिकार देता है।”
BJP का आरोप: ‘TMC की चुनावी साजिश’
BJP ने इस पूरे मामले को चुनाव से जोड़ते हुए TMC पर निशाना साधा।
राज्य BJP प्रमुख सुकांता मजूमदार ने कहा:
“यह हिंदुओं को खुली धमकी है। ममता बनर्जी आग से खेल रही हैं।”
BJP प्रवक्ता अग्निमित्रा पॉल ने इसे चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की रणनीति बताया और कबीर के पुराने BJP कनेक्शन को भी याद दिलाया।
सुरक्षा का कड़ा पहरा — 4,000 जवान तैनात
मुर्शिदाबाद, जहां मुस्लिम आबादी लगभग 70% है, वहां प्रशासन ने बेलडंगा से लेकर NH-12 तक
RAF, CISF, BSF और स्थानीय पुलिस को तैनात किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई गई।
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हैं जिनमें लोग ईंटें और चंदा लेकर आते दिख रहे हैं।
चुनाव से पहले बंगाल का राजनीतिक तापमान बढ़ा
कबीर की नई पार्टी की घोषणा और मुस्लिम वोट बैंक पर संभावित असर की चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है।
TMC का कहना है कि मुर्शिदाबाद की जनता सांप्रदायिक राजनीति को सपोर्ट नहीं करती।
फिलहाल कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, लेकिन आने वाले दिनों में यह मुद्दा
2026 विधानसभा चुनाव का बड़ा राजनीतिक एजेंडा बन सकता है।