
प्रयागराज-कौशाम्बी बॉर्डर पर 31 अगस्त को अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें चिल्ला शहबाजी गांव के गया प्रसाद साहू का परिवार सबसे ज्यादा दर्द झेल रहा है। विस्फोट में उन्होंने अपने चार मासूम बच्चों को खो दिया।
एक झटके में उजड़ गया पूरा परिवार
गया प्रसाद साहू का मकान पटाखा फैक्ट्री के ठीक बगल में था। तेज धमाके के बाद उनका घर पूरी तरह ढह गया और मलबे में दबकर उनकी बेटी जाह्नवी (15), बेटे आदित्य (10), रवि (7) और अमित (2) की मौत हो गई।
इस हादसे में गया प्रसाद की पत्नी अनीता साहू भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। उनका प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है।
चार बच्चों के शव देखकर टूट गए पिता
पोस्टमॉर्टम के बाद जब चारों बच्चों के शव गांव पहुंचे तो परिवार में मातम छा गया। अपने बच्चों को सामने देखकर गया प्रसाद साहू खुद को संभाल नहीं पाए। वह फूट-फूटकर रोते रहे और बार-बार कहते रहे, “मेरा सब कुछ चला गया… अब जीकर क्या करूंगा।”
बच्चों की मौत से टूटे पिता ने मुआवजे समेत अपनी कई मांगों को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ उन्होंने सड़क पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
DSP ने गले लगाकर दिया भरोसा
मामला बढ़ता देख सिराथू के DSP सत्येंद्र तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गया प्रसाद की हालत देख उनसे बातचीत की और उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।
DSP ने परिवार को भरोसा दिलाते हुए बच्चों का अंतिम संस्कार करने के लिए समझाया। पुलिस अधिकारी की अपील और भरोसा मिलने के बाद देर शाम चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार को 32 लाख रुपये की मदद
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी गई। प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान ने परिवार को 32 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा।
वहीं, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नौशाद को गिरफ्तार किया है। उसके परिवार के कुछ सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपी के तीन मंजिला मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने भी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध पटाखा कारोबार पर फिर उठे सवाल
कौशाम्बी का यह हादसा एक बार फिर अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक अवैध फैक्ट्री की वजह से कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया, जबकि गया प्रसाद साहू के लिए तो यह हादसा उनके चार बच्चों को हमेशा के लिए उनसे छीन ले गया।
प्रशासन की कार्रवाई और मुआवजे से तत्काल राहत मिल सकती है, लेकिन जिस परिवार ने एक साथ चार बच्चों को खोया है, उसके दर्द की भरपाई शायद किसी कीमत से नहीं हो सकती।
