Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Buy SmartMag Now
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Box Bharat
    • Hindi News
    • News
      • Sport
      • Health
      • Videos
      • Technology
      • Entertainment
    • Sport
    • Videos
    • Politics
    • Latest
    • Business
    • Economy
    • World
    Subscribe
    News Box Bharat
    Home»Latest»परिसीमन बिल पर फिर खुला संसद का रास्ता? किरेन रिजिजू के बयान से बढ़ी हलचल
    Latest

    परिसीमन बिल पर फिर खुला संसद का रास्ता? किरेन रिजिजू के बयान से बढ़ी हलचल

    News Box BharatBy News Box BharatAugust 27, 20266 Mins Read
    परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर किरेन रिजिजू के बयान के बाद संसद की दोबारा बैठक की अटकलें तेज हो गई हैं।
    Buy Ad Space

    संसद के मानसून सत्र के खत्म होने के बाद एक बार फिर परिसीमन बिल और महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐसा संकेत दिया है, जिससे संसद की दोबारा बैठक बुलाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि सरकार वास्तव में दोबारा सदन बुलाने जा रही है या नहीं।

    रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को अभी औपचारिक रूप से समाप्त यानी prorogue नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार राष्ट्रपति से अनुरोध कर संसद को दोबारा बुला सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद के इतिहास में पहले भी ऐसे कई मौके आए हैं, जब सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद उसी सत्र में दोबारा बुलाया गया।

    क्या फिर बैठ सकती है संसद?

    केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने India Today को दिए इंटरव्यू में कहा कि संसद को कब बुलाना है, इसका फैसला सरकार करती है और राष्ट्रपति से सत्र बुलाने का अनुरोध किया जाता है।

    उन्होंने कहा कि अगर सदन को औपचारिक रूप से prorogue नहीं किया गया है, तो उसे दोबारा बुलाया जा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब विशेष सत्र की संभावना है, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया।

    रिजिजू ने कहा कि इस सवाल का जवाब अभी नहीं दिया जा सकता। जब उनसे कहा गया कि उनके बयान से दोबारा संसद बैठने की संभावना खुली दिखाई दे रही है, तो उन्होंने जवाब दिया—“You can read both ways.”

    13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुआ था सत्र

    संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और 13 अगस्त को दोनों सदनों को sine die यानी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। लेकिन सत्र को औपचारिक रूप से prorogue नहीं किया गया।

    यही तकनीकी स्थिति अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। अगर सरकार फैसला करती है तो मौजूदा सत्र को ही आगे बढ़ाते हुए संसद की एक और बैठक बुलाई जा सकती है।

    क्या वापस आ सकता है परिसीमन बिल?

    रिजिजू के बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार Delimitation Bill और Women’s Reservation Amendment Bill को दोबारा संसद में ला सकती है।

    दोनों मुद्दे पहले भी सरकार के एजेंडे में रहे हैं। प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के तहत 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया को जोड़ा गया है।

    प्रस्तावित व्यवस्था में लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 सीटें करने की बात सामने आई है। यह परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर किए जाने का प्रस्ताव रहा है।

    पिछली बार क्यों अटक गया था बिल?

    इससे पहले संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था। अप्रैल में हुए मतदान में 298 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट किया था, जबकि संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक बहुमत हासिल नहीं हुआ।

    यही वजह है कि सरकार इस बार बिल को दोबारा आगे बढ़ाने से पहले विपक्ष और NDA के सहयोगी दलों के बीच समर्थन जुटाने की कोशिश करती रही।

    दक्षिणी राज्यों की चिंता बनी सबसे बड़ी चुनौती

    परिसीमन को लेकर सबसे बड़ी राजनीतिक चिंता दक्षिणी राज्यों की है। विपक्षी दलों का तर्क रहा है कि आबादी के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण करने से उन राज्यों को नुकसान हो सकता है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है।

    सरकार की ओर से पहले यह संकेत दिया गया था कि सीटों की संख्या बढ़ाकर इस चिंता को दूर करने की कोशिश की जा सकती है। प्रस्ताव में लोकसभा की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का विचार इसी राजनीतिक गणित का हिस्सा माना गया।

    NDA के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

    परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को पास कराने के लिए सामान्य कानून की तुलना में ज्यादा मजबूत संसदीय समर्थन की जरूरत है। अप्रैल में सरकार के पास पर्याप्त संख्या नहीं थी, जिसके कारण विधेयक पारित नहीं हो सका।

    इसके बाद सरकार ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK और अपने NDA सहयोगियों समेत अलग-अलग दलों से बातचीत शुरू की। किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से भी कई बार संपर्क किया था, लेकिन कांग्रेस की ओर से बिल के समर्थन को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं मिली।

    हालांकि, बाद के घटनाक्रम में NDA के लिए कुछ राजनीतिक समर्थन बढ़ता दिखाई दिया। शिरोमणि अकाली दल ने भी महिलाओं के आरक्षण और सीटों में समान वृद्धि के प्रस्ताव का समर्थन किया था।

    क्या यह विशेष सत्र होगा?

    अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा।

    5 अगस्त को ही रिजिजू ने स्पष्ट किया था कि 16 से 18 अगस्त के बीच किसी विशेष सत्र का कोई प्रस्ताव नहीं है। उस समय सरकार मौजूदा मानसून सत्र के दौरान ही समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही थी।

    अब 27 अगस्त को उनके नए बयान ने तस्वीर को थोड़ा बदल दिया है। उन्होंने विशेष सत्र की पुष्टि नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि सत्र को औपचारिक रूप से prorogue नहीं किए जाने की स्थिति में संसद को फिर बुलाया जा सकता है।

    इसलिए फिलहाल इसे “संसद की दोबारा बैठक की संभावना खुली” कहना ज्यादा सही होगा, न कि सरकार द्वारा विशेष सत्र घोषित कर दिया गया है।

    संसद के इतिहास का भी दिया हवाला

    रिजिजू ने अपने बयान में संसद के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि 1952 के बाद कई ऐसे मौके आए हैं जब सदन को sine die स्थगित किया गया लेकिन सत्र को prorogue नहीं किया गया और बाद में उसी सत्र में संसद को दोबारा बुलाया गया।

    उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरणों की सूची भी वह उपलब्ध करा सकते हैं।

    अब आगे क्या?

    फिलहाल सरकार की ओर से दोबारा संसद बुलाने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन रिजिजू के बयान ने यह संकेत जरूर दिया है कि परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे लंबित मुद्दों के लिए संसद का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

    अगर सरकार दोबारा बैठक बुलाती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि क्या वह विपक्ष और सहयोगी दलों को जरूरी संवैधानिक बहुमत के लिए साथ ला पाएगी।

    किरण रिजिजू के ताजा बयान ने संसद और परिसीमन बिल को लेकर नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है। मानसून सत्र 13 अगस्त को स्थगित जरूर हुआ, लेकिन अभी तक उसे औपचारिक रूप से prorogue नहीं किया गया है। इसी वजह से सरकार के पास भविष्य में संसद को फिर बुलाने का संवैधानिक रास्ता खुला हुआ है।

    हालांकि, अभी न तो विशेष सत्र की घोषणा हुई है और न ही परिसीमन बिल को दोबारा पेश करने की आधिकारिक तारीख तय हुई है। इसलिए फिलहाल इसे सरकार की ओर से दिया गया एक संकेत माना जा रहा है, अंतिम फैसला नहीं।

    Delimitation Bill Kiren Rijiju Parliament Session
    Previous Articleबाबर आजम की वापसी तय! बोले- 90% फिट हूं, लॉर्ड्स में इंग्लैंड को देंगे जवाब
    Next Article रूस पहुंचकर CIA चीफ ने दी NATO को लेकर चेतावनी, ईरान और होर्मुज पर भी हुई गुप्त बातचीत; पुतिन से नहीं मिले रैटक्लिफ

    Explore More

    September 9, 20264 Mins Read

    पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव राकेश मेहता नोएडा स्थित आवास पर मृत मिले, 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों में निभाई थी अहम भूमिका

    September 9, 20266 Mins Read

    AI पोस्ट पर CJP के तीन नेताओं पर ₹2 करोड़ की मानहानि का केस, Gaurav Bhatia बोले- अब कोर्ट में होगा सच का फैसला

    September 9, 20263 Mins Read

    ओडिशा के जंगल में मिले 5 नन्हे ऑरंगुटान, मचा हड़कंप; 4 हजार किमी दूर कैसे पहुंचे, तस्करी का शक

    Sponsored

    Fire-boltt Dhoni
    Latest Hindi News
    • पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव राकेश मेहता नोएडा स्थित आवास पर मृत मिले, 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों में निभाई थी अहम भूमिका September 9, 2026
    • AI पोस्ट पर CJP के तीन नेताओं पर ₹2 करोड़ की मानहानि का केस, Gaurav Bhatia बोले- अब कोर्ट में होगा सच का फैसला September 9, 2026
    • ओडिशा के जंगल में मिले 5 नन्हे ऑरंगुटान, मचा हड़कंप; 4 हजार किमी दूर कैसे पहुंचे, तस्करी का शक September 9, 2026
    • अमिताभ बच्चन छोड़ेंगे KBC? भावुक पोस्ट से मची हलचल, बोले- ‘कुछ कहानियां इतनी गंभीर…’ September 9, 2026
    • CJP प्रदर्शन में शामिल छात्र को ₹5 लाख का नोटिस, CJI सूर्यकांत ने नोएडा के मजिस्ट्रेट को फटकारा September 9, 2026
    • सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: भिवाड़ी से पकड़ा गया मालिक हरिराम बंसल, हादसे में 8 लोगों की मौत September 7, 2026
    • अरिजीत सिंह को हराकर बने थे स्टार, फिर 20 साल तक रहे गुमनाम, अब Bigg Boss 20 में काजी तौकीर की वापसी September 7, 2026
    • राजस्थान: 13 साल तक सर्जरी का इंतजार, AIIMS में तन्वी की मौत के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप September 7, 2026
    • Bigg Boss 20 में मैरी कॉम की एंट्री, प्रियंका चोपड़ा ने दी चेतावनी- ‘इनका नॉकआउट बहुत भारी पड़ता है’ September 7, 2026
    • पेट्रोल से बदला लोगों का भरोसा! CNG, हाइब्रिड और EV ने पहली बार छोड़ा पीछे, अगस्त के आंकड़ों ने चौंकाया September 7, 2026
    Categories
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.