
सायरा बानो 82वां जन्मदिन: बॉलीवुड की खूबसूरत और दिग्गज अदाकारा सायरा बानो आज 82 साल की हो गई हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी जब वह अपने जन्मदिन की बात करती हैं तो उनकी यादों में सबसे पहले जिस शख्स की तस्वीर उभरती है, वह हैं उनके पति और हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता दिलीप कुमार। 23 अगस्त का दिन उनके लिए सिर्फ जन्मदिन नहीं, बल्कि उन यादों का दिन है जिनमें उनका पूरा जीवन जैसे सिमट आया है।

12 साल की उम्र में ही देख लिया था अपना सपना
सायरा बानो की दिलीप कुमार से मोहब्बत किसी फिल्मी कहानी की तरह अचानक शुरू नहीं हुई थी। वह तो बचपन में ही दिलीप साहब की प्रशंसक बन चुकी थीं। करीब 12 साल की उम्र में ही उन्होंने मन में ठान लिया था कि एक दिन वह दिलीप कुमार की पत्नी बनेंगी। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक बच्ची का यह सपना सचमुच उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई बन जाएगा।
लंदन में पढ़ाई के दौरान भी सायरा के दिल में दिलीप कुमार के लिए वही दीवानगी बनी रही। वह उन्हें प्यार और सम्मान से ‘साहब’ कहती थीं। यहां तक कि उनके प्रति अपने आकर्षण के चलते उन्होंने उर्दू सीखने और उनके पसंदीदा शौक समझने की कोशिश भी की थी।
मां ने दिलीप कुमार के घर के पास बनवा दिया था घर
सायरा की मां और अपने दौर की मशहूर अभिनेत्री नसीम बानो भी बेटी की इस दीवानगी से वाकिफ थीं। कहानी में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब सायरा का घर दिलीप कुमार के घर के बेहद करीब बनवाया गया। सायरा ने खुद बताया था कि वह घर दिलीप साहब के घर से महज दो बंगले दूर था।
एक लड़की, जो बचपन से अपने पसंदीदा अभिनेता को अपना जीवनसाथी मान चुकी थी, उसके लिए इससे बड़ा संयोग और क्या हो सकता था?
फिर आया वो जन्मदिन, जिसने बदल दी पूरी कहानी
साल 1966 में सायरा बानो अपना 22वां जन्मदिन मना रही थीं। उनकी मां ने इस पार्टी में दिलीप कुमार को भी बुलाया। उस समय दिलीप कुमार मद्रास से आए थे।
यही मुलाकात सायरा की जिंदगी के सबसे यादगार जन्मदिनों में शामिल हो गई।
सायरा ने बाद में इस दिन को अपनी जिंदगी का बेहद खास पल बताया। दिलीप कुमार ने साड़ी में सजी सायरा को देखा और इस बार उनकी नजरों में सायरा सिर्फ एक बच्ची या प्रशंसक नहीं, बल्कि एक खूबसूरत महिला के रूप में आईं। यहीं से दोनों के रिश्ते ने एक नया मोड़ लिया।
22 साल की सायरा और 44 साल के दिलीप कुमार
इसके कुछ ही समय बाद दिलीप कुमार ने सायरा का हाथ उनकी मां और दादी से मांगा। परिवार ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।
11 अक्टूबर 1966 को सायरा बानो और दिलीप कुमार शादी के बंधन में बंध गए। उस वक्त सायरा महज 22 साल की थीं, जबकि दिलीप कुमार 44 वर्ष के थे। दोनों के बीच 22 साल का उम्र का अंतर था, लेकिन यह अंतर उनके रिश्ते के सामने कभी सबसे बड़ी कहानी नहीं बना।
शादी के बाद भी दिलीप कुमार उनके हर जन्मदिन का हिस्सा रहे
सायरा बानो की आज की सबसे भावुक यादों में उनके जन्मदिन से जुड़ी एक प्यारी आदत भी शामिल है।
सायरा ने अपने 82वें जन्मदिन पर पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि 1966 के उस जन्मदिन के बाद दिलीप कुमार उनके हर जन्मदिन का हिस्सा बन गए थे।
दिलचस्प बात यह थी कि दिलीप साहब कई बार उनका जन्मदिन भूल जाते थे। सुबह चाय पीते हुए जब घर में ढेर सारे फूल देखते तो अपने भाई सुल्तान से पूछते कि आखिर आज कोई खास दिन है क्या?
जब उन्हें पता चलता कि आज सायरा का जन्मदिन है, तो वह तुरंत अपनी भांजी शाहीन के साथ फूल खरीदने निकल पड़ते थे, ताकि सायरा के जागने से पहले अपनी भूल सुधार सकें।
जिंदगी में आए मुश्किल दौर, लेकिन रिश्ता फिर भी बचा रहा
हर प्रेम कहानी की तरह सायरा और दिलीप कुमार की जिंदगी भी हमेशा आसान नहीं रही। दोनों को संतान का सुख नहीं मिल पाया। 1972 में सायरा के गर्भपात के बाद दोनों को गहरा दुख झेलना पड़ा।
इसके अलावा उनके रिश्ते में एक बेहद मुश्किल दौर 1981 में आया, जब दिलीप कुमार ने अस्मा रहमान से दूसरी शादी की। यह रिश्ता ज्यादा समय नहीं चला और बाद में दिलीप कुमार सायरा के पास वापस लौट आए। सायरा ने भी अपने रिश्ते को संभाला और दोनों फिर साथ रहे।
दिलीप कुमार चले गए, लेकिन सायरा के लिए आज भी साथ हैं
7 जुलाई 2021 को दिलीप कुमार के निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने अपना एक महान सितारा खो दिया। लेकिन सायरा बानो के लिए वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे। वह उनकी जिंदगी का वह सपना थे, जिसे उन्होंने बचपन में देखा था और जिसे जिंदगी भर अपने साथ जिया।
आज 82वें जन्मदिन पर भी सायरा बानो जब दिलीप कुमार को याद करती हैं तो उनकी बातों में शिकायत कम और प्यार ज्यादा दिखाई देता है। वह कहती हैं कि दिलीप साहब आज भी उनके साथ हैं।
शायद यही वजह है कि सायरा बानो और दिलीप कुमार की कहानी सिर्फ बॉलीवुड की एक प्रेम कहानी नहीं लगती। यह उस लड़की की कहानी है जिसने 12 साल की उम्र में अपने दिल में एक सपना देखा था और किस्मत ने उसे उसी इंसान के साथ जिंदगी बिताने का मौका दिया, जिसे वह बचपन से अपना मानती थी।
कुछ रिश्ते वक्त के साथ खत्म नहीं होते, बस यादों का हिस्सा बनकर और गहरे हो जाते हैं। सायरा बानो और दिलीप कुमार की कहानी भी शायद ऐसी ही एक मोहब्बत है।
