
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इसी बीच राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इस आंदोलन का पूरा श्रेय भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत को दिया है।
राउत ने अपने पोस्ट में लिखा कि “सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश My Lord Suryakant Ji, आज के महान आंदोलन का श्रेय सिर्फ इस एक व्यक्ति को जाता है। देश के मुर्दों को जिंदा करने के लिए आभार, शुक्रिया।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत मई 2026 में हुई थी, जब एक सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आ गई। उस टिप्पणी को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई युवाओं और सामाजिक संगठनों ने इसे अपमानजनक बताते हुए विरोध जताया।
इसी विवाद के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक आंदोलन शुरू हुआ, जिसने बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाना शुरू किया।
CJI सूर्यकांत ने बाद में दी थी सफाई
16 मई को सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी देश के सभी युवाओं के लिए नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनका इशारा उन लोगों की ओर था जो फर्जी डिग्रियों और गलत तरीकों से विभिन्न पेशों में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है और उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया।
संसद मार्च में बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र
सोमवार को CJP के आह्वान पर जंतर-मंतर से संसद की ओर पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अन्य प्रदर्शनकारी शामिल हुए। मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
दिल्ली पुलिस के अनुसार—
- 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।
- लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
- करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।
हालांकि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण था और पुलिस ने बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
संसद मार्च के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। संजय राउत का बयान भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। उनके पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर समर्थन और आलोचना, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
