
लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले में अंधविश्वास के चलते एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चैनपुर थाना क्षेत्र के रबदा गांव में एक चाचा ने अपने ही 12 वर्षीय भतीजे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घर के बाहर खेल रहे बच्चे पर किया हमला
मृतक की पहचान रौशन बैठा (12 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह रौशन घर के बाहर घूम रहा था। इसी दौरान उसका चाचा अनिल बैठा वहां पहुंचा और अचानक चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी ने बच्चे का गला भी दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक रौशन की मौत हो चुकी थी।
अंधविश्वास बना हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बताया कि आरोपी अनिल बैठा अंधविश्वास का शिकार था। उसे शक था कि उसके भतीजे की मां की वजह से उसकी पत्नी को संतान नहीं हो पा रही है और गर्भ में ही बच्चा खराब हो जाता है।
इसी अंधविश्वास और गलत धारणा के कारण उसने अपने ही मासूम भतीजे की हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी अनिल बैठा को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। वहीं, बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में पसरा मातम
इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं।
अंधविश्वास बना मासूम की मौत का कारण
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अंधविश्वास किस तरह निर्दोष लोगों की जान ले सकता है। समाज में जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना ऐसे मामलों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।
