
राम मंदिर में मिले दान और चढ़ावे को लेकर उठे सवाल अब और गंभीर होते जा रहे हैं। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) लगातार दूसरे दिन भी मंदिर परिसर पहुंची और कई घंटे तक दस्तावेजों, रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है।
करोड़ों का सोने का हार और चरण पादुका गायब होने का दावा
आचार्य विनोद मिश्र ने दावा किया है कि उनके शिष्य एवं जौनपुर के व्यवसायी अजय विश्वकर्मा ने राम मंदिर को करोड़ों रुपये मूल्य का सोने का हार और चरण पादुका भेंट की थी। आरोप है कि इन वस्तुओं की प्राप्ति की रसीद जारी की गई थी, लेकिन आज तक ये वस्तुएं मंदिर में चढ़ाई नहीं गईं और उनका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
₹200 करोड़ तक पहुंच सकती है जांच
शुरुआत में मामला कुछ करोड़ रुपये के दान में अनियमितता तक सीमित माना जा रहा था। लेकिन अब विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कथित वित्तीय गड़बड़ी का आंकड़ा ₹200 करोड़ से अधिक तक पहुंच सकता है। हालांकि इस राशि की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
कर्मचारियों की संपत्तियों ने बढ़ाए सवाल
जांच के दौरान कुछ ऐसे कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी मासिक आय सीमित बताई जा रही है, लेकिन उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति, जमीन, मकान और लग्जरी वाहन होने की चर्चा है। इसी आधार पर जांच एजेंसियां आय और संपत्ति के स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं।
CCTV फुटेज और जेवरातों पर भी जांच
मामले में आठ महीने के CCTV फुटेज कथित रूप से डिलीट होने का आरोप भी सामने आया है। इसके अलावा मंदिर में आने वाले सोने-चांदी के जेवरात, नकद दान, लेखा-जोखा और रिकॉर्ड प्रबंधन की प्रक्रिया की भी गहन जांच की जा रही है।
SIT अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। ट्रस्ट से जुड़े कई अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए हैं।
जल्द आ सकती है रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं और लोग जांच के निष्कर्षों का इंतजार कर रहे हैं।
