
भारत में सोने की बढ़ती कीमतों और इंपोर्ट ड्यूटी के कारण अब आम परिवारों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है — क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या इंतजार करना बेहतर होगा? त्योहारों और शादी के सीजन के बावजूद कई शहरों में ज्वेलरी बाजार की रौनक फीकी पड़ती दिख रही है।
हाल ही में सोने पर बढ़ी इंपोर्ट ड्यूटी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ा है। हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहक अब भारी खरीदारी से बच रहे हैं। लोग जरूरत भर का ही सोना खरीद रहे हैं या फिर पुराने गहनों को एक्सचेंज करने का विकल्प चुन रहे हैं।
भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल है, लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोना और महंगा हो गया है। इसका असर सिर्फ ज्वेलरी व्यापार पर नहीं बल्कि आम परिवारों के बजट पर भी देखने को मिल रहा है। मध्यम वर्गीय परिवार अब शादी और निवेश के लिए सोना खरीदने से पहले कई बार सोच रहे हैं।
इधर चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। MCX यानी Multi Commodity Exchange पर गोल्ड और सिल्वर की ट्रेडिंग में तेजी बनी हुई है। निवेशक अब लाइव गोल्ड और सिल्वर रेट पर नजर रख रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और केरल जैसे राज्यों में रोजाना सोने-चांदी के रेट बदल रहे हैं।
24 कैरेट गोल्ड की कीमत कई शहरों में रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई है। वहीं सिल्वर रेट भी तेजी से ऊपर जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गोल्ड की कीमतों में दबाव बना हुआ है।
सोने की बढ़ती कीमतों का असर शेयर बाजार में भी दिख रहा है। Kalyan Jewellers और Malabar Gold & Diamonds जैसी ज्वेलरी कंपनियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। वहीं मेटल सेक्टर से जुड़ी Hindustan Zinc के शेयरों में भी हलचल देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर वैश्विक बाजार में तनाव और डॉलर की मजबूती बनी रहती है तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों को खरीदारी से पहले बाजार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
