
बांग्लादेश की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बीच, प्रधानमंत्री पद की शपथ से ठीक पहले तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर बड़ा बयान दिया है। BNP ने एक तरफ हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई, तो वहीं साफ किया कि इस मुद्दे को भारत-बांग्लादेश संबंधों में टकराव का कारण नहीं बनने दिया जाएगा।
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले आया बयान
BNP महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने अखबार द हिंदू को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया, जो 16 फरवरी 2026 को प्रकाशित हुआ। यह इंटरव्यू तारिक रहमान के 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ से ठीक एक दिन पहले सामने आया, जिससे इसका राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।
शेख हसीना पर क्या कहा गया
BNP ने आरोप लगाया कि शेख हसीना के कार्यकाल में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन हुए और लोगों में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग है। पार्टी का कहना है कि भारत को उन्हें बांग्लादेश के हवाले करना चाहिए। हालांकि BNP ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर प्रत्यर्पण नहीं होता है, तब भी दोनों देशों के संबंध आगे बढ़ते रहेंगे और व्यापार या कूटनीतिक संवाद प्रभावित नहीं होगा।
भारत के साथ संबंधों पर नरम रुख
BNP नेतृत्व ने भारत के साथ टकराव की राजनीति से दूरी बनाते हुए कहा कि युद्ध जैसी बात करना “पागलों जैसी सोच” है। पार्टी का कहना है कि सभी विवादों का समाधान बातचीत से होना चाहिए और रिश्ते समानता व सम्मान के आधार पर आगे बढ़ने चाहिए। BNP का संकेत है कि एक व्यक्ति या एक मुद्दा दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर हावी नहीं होना चाहिए।
मुख्य बातें एक नजर में
- शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग जारी रहेगी
- भारत के साथ युद्ध या टकराव से साफ इनकार
- व्यापार, पानी और सीमा जैसे मुद्दों पर बातचीत जारी रखने की बात
- नई सरकार की नीति — “समानता और गरिमा” पर आधारित संबंध
- भारत-बांग्लादेश रिश्तों को स्थिर रखने का संकेत
शपथ ग्रहण की तैयारी
तारिक रहमान 17 फरवरी 2026 को ढाका के संसद भवन के साउथ प्लाजा में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समारोह में शामिल होंगे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की जानकारी नहीं है।
