
दिल्ली दंगों (2020) के मामले में जेल में बंद उमर खालिद को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर Zohran Mamdani ने उमर खालिद को एक हस्तलिखित पत्र लिखकर सहानुभूति जताई है।
इस पत्र के सामने आने के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
पत्र में क्या लिखा है?
मामदानी द्वारा लिखे गए इस हस्तलिखित नोट में उन्होंने उमर खालिद के “कड़वाहट से खुद को दूर रखने” के विचारों का ज़िक्र किया और उनके माता-पिता से मुलाकात को सुखद बताया। यह पत्र व्यक्तिगत सहानुभूति का संदेश माना जा रहा है।
पत्र कब और कैसे सामने आया?
यह नोट दिसंबर 2025 में अमेरिका में उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात के दौरान सौंपा गया था। इसे 1 जनवरी 2026 को उमर की साथी बानोज्योत्स्ना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया।
उमर खालिद किस मामले में जेल में हैं?
उमर खालिद पर फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश रचने का आरोप है। वे सितंबर 2020 से UAPA के तहत जेल में हैं। दंगों में 53 लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की बात सामने आई थी।
भारत में क्यों मचा विवाद?
भारत में BJP और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों ने इस पत्र को भारत की न्यायिक प्रक्रिया में विदेशी हस्तक्षेप बताया है। BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
पहले भी मिला है अंतरराष्ट्रीय समर्थन
इससे पहले 2023 में भी Zohran Mamdani ने उमर खालिद की जेल से लिखी चिट्ठियों को सार्वजनिक रूप से पढ़ा था। हाल ही में 8 अमेरिकी सांसदों ने भी भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर निष्पक्ष ट्रायल की मांग की है।
