
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) को आवंटित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक के विरोध में चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को हिंसा में बदल गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए, जबकि सरकारी व निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
धरने की पृष्ठभूमि
14 प्रभावित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में आदिवासी शामिल हैं, 12 दिसंबर 2025 से लिबरा गांव स्थित कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि 8 दिसंबर को हुई जनसुनवाई फर्जी और नियमविरुद्ध थी। वे भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, पर्यावरण प्रदूषण और जंगल-जमीन-पानी के नुकसान का विरोध कर रहे थे। क्षेत्र पहले से ही कोयला खदानों और पावर प्लांट्स के कारण प्रदूषण से जूझ रहा है।
क्या हुआ 27 दिसंबर को
शनिवार को पुलिस धरना हटाने मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने बिना चेतावनी लाठीचार्ज किया और जबरन हटाने की कोशिश की, जिससे हालात बिगड़ गए।
वहीं पुलिस का दावा है कि कई बार समझाने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई, बैरिकेडिंग तोड़ी और पथराव शुरू कर दिया।
झड़प में हुए नुकसान
- तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम गंभीर रूप से घायल हुईं।
- SDOP अनिल विश्वकर्मा, एक कांस्टेबल समेत 8-10 पुलिसकर्मी घायल।
- कई ग्रामीण भी पथराव और धक्का-मुक्की में घायल हुए।
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस सहित 7-8 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की।
- भीड़ ने जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को जला दिया तथा ऑफिस में तोड़फोड़ की।
प्रशासनिक कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 30-35 ग्रामीणों को हिरासत में लिया। रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके में भारी पुलिस तैनाती कर दी गई है। घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, कुछ को बेहतर इलाज के लिए रायगढ़ रेफर किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक हितों के लिए ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।
स्थिति अभी
28 दिसंबर 2025 तक कोई बड़ा नया अपडेट सामने नहीं आया है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प के दृश्य दिख रहे हैं।