

अंकिता भंडारी हत्याकांड, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था, उसमें भले ही अदालत से सजा सुनाई जा चुकी हो, लेकिन मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बना है कथित “VIP एंगल”, जिसे लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
मेन केस का स्टेटस: उम्रकैद की सजा
साल 2022 में हुई अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने तीनों आरोपियों—
- पुलकित आर्य (रिजॉर्ट मालिक, पूर्व BJP नेता विनोद आर्य का बेटा)
- सौरभ भास्कर
- अंकित गुप्ता
—को उम्रकैद की सजा सुनाई।
तीनों को हत्या, सबूत मिटाने और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया गया। हालांकि, अंकिता का परिवार इस सजा से संतुष्ट नहीं है और उन्होंने हाई कोर्ट में फांसी की सजा की मांग करते हुए अपील दायर की है। वहीं, आरोपियों की ओर से भी सजा के खिलाफ अपील की गई है, जिस पर फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
दिसंबर 2025 का नया ट्विस्ट: सोशल मीडिया वीडियो से हंगामा
दिसंबर 2025 में मामला फिर चर्चा में तब आया जब एक्ट्रेस उर्मिला सनावर (पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी) ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो क्लिप जारी किए।
इन क्लिप्स में दावा किया गया कि हत्या वाली रात रिजॉर्ट पर एक “VIP” मौजूद था। इस कथित VIP के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम (BJP के राष्ट्रीय महासचिव, उत्तराखंड प्रभारी और राज्यसभा सांसद) का नाम लिया गया।
कथित ऑडियो में यह भी दावा किया गया कि अंकिता ने उस VIP को “एक्स्ट्रा सर्विस” देने से मना किया था, जिसके बाद हालात बिगड़े।
राजनीतिक घमासान और कानूनी कार्रवाई
इन दावों के सामने आने के बाद कांग्रेस ने CBI जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किए और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
वहीं, दुष्यंत कुमार गौतम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “फर्जी, मनगढ़ंत और राजनीतिक साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि अगर आरोपों में सच्चाई साबित होती है तो वे राजनीति छोड़ देंगे। साथ ही सरकार से कथित वीडियो और ऑडियो हटाने की मांग भी की गई।
दूसरी ओर, उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ मानहानि और IT एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।
परिवार की प्रतिक्रिया: कोर्ट ही तय करेगा सच
अंकिता की मां ने इस पूरे विवाद पर संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर किसी के पास नए सबूत हैं तो उन्हें कोर्ट में पेश किया जाए, क्योंकि परिवार का मकसद सिर्फ और सिर्फ न्याय है।
मौजूदा स्थिति क्या है?
फिलहाल:
- कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा बरकरार है
- VIP एंगल पर कोई नई औपचारिक जांच या चार्ज दर्ज नहीं हुआ है
- मामला राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया बहस तक सीमित है
अंकिता भंडारी केस भले ही कानूनी तौर पर सजा के एक पड़ाव तक पहुंच चुका हो, लेकिन ‘VIP एंगल’ ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या ये आरोप अदालत तक पहुंचेंगे या सिर्फ राजनीतिक विवाद बनकर रह जाएंगे।