

झारखंड: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कोडीन फॉस्फेट युक्त अवैध कफ सिरप के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसके तार सीधे झारखंड की राजधानी रांची से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि रांची स्थित फर्म मेसर्स शैली ट्रेडर्स ने वाराणसी सहित पूरे उत्तर प्रदेश के 93 थोक दवा विक्रेताओं को अवैध रूप से 100 करोड़ रुपये मूल्य का फेन्सीडील कफ सिरप सप्लाई किया।
बड़े सिंडिकेट का खुलासा
औषधि प्रशासन विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है कि रांची के मेसर्स शैली ट्रेडर्स ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच एबॉट हेल्थ केयर से करीब 89 लाख रुपये का फेन्सीडील कफ सिरप खरीदा था। इसके बावजूद, फर्म ने वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश के 93 थोक विक्रेताओं को 100 करोड़ रुपये से अधिक की सिरप अवैध रूप से बेच दी। वाराणसी के 26 थोक विक्रेता भी इसमें शामिल हैं, जिन्हें अकेले करीब 50 करोड़ रुपये का कफ सिरप भेजा गया।
प्रोप्राइटर और बेटे पर FIR
इस मामले में रांची की शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद और उनके बेटे शुभम जायसवाल (मेसर्स न्यू वृद्धि फार्मा के संचालक) सहित कुल 28 दवा थोक विक्रेताओं के खिलाफ कोतवाली थाने में ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस अब सभी आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
विक्रय का कोई रिकॉर्ड नहीं
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिन मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं को यह कफ सिरप सप्लाई किया गया था, उनके पास विक्रय का कोई भी वैध रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
बच्चों की मौत के बाद शुरू हुई थी जांच
यह पूरी कार्रवाई मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद शुरू की गई थी। इसके बाद औषधि प्रशासन विभाग लगातार कफ सिरप के स्टॉक की जांच कर रहा था, जिसमें इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त ने वाराणसी में इस अभियान का नेतृत्व किया था।
