

भारतीय फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। ऑस्ट्रेलियाई पेशेवर फुटबॉलर रियान विलियम्स (Ryan Williams) ने अपनी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता को त्यागकर आधिकारिक तौर पर भारत का पासपोर्ट प्राप्त कर लिया है। 32 वर्षीय विलियम्स अब भारतीय सीनियर राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की ओर से खेलने के लिए पूरी तरह से योग्य (Eligible) हो गए हैं, जिससे AFC एशियन कप क्वालीफायर से पहले टीम की आक्रमण क्षमता (attacking options) को बड़ा बढ़ावा मिला है।
जड़ों की ओर वापसी: मुंबई से गहरा नाता
रियान विलियम्स का भारत से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है:
- मातृ-वंश (Maternal Roots): उनकी माँ मुंबई की एक एंग्लो-इंडियन परिवार से हैं।
- पारिवारिक विरासत: उनके दिवंगत नाना, लिंकन ‘लिंकी’ ग्रोसटेट (Lincoln Grostate), 1950 के दशक में संतोष ट्रॉफी में बॉम्बे (अब मुंबई) का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। विलियम्स ने इसे “घर वापसी” जैसा महसूस बताया है।
- सुनील छेत्री की भूमिका: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के अध्यक्ष कल्याण चौबे के अनुसार, भारतीय कप्तान सुनील छेत्री ने ही सबसे पहले AIFF को रियान विलियम्स की भारत के लिए खेलने की इच्छा के बारे में बताया था।
रियान विलियम्स ने सोशल मीडिया पर लिखा: “अधिकारिक तौर पर यह करना मेरे लिए सम्मान की बात है, जो मुझे लंबे समय से सच लगता था। इस देश ने मुझे जो प्यार, अवसर और अपनेपन का अहसास दिया है, उसके लिए आभारी हूँ। भारत, मैं तुम्हारा अपना हूँ!”
🛂पासपोर्ट हस्तांतरण और प्रक्रिया
रियान विलियम्स वर्तमान में इंडियन सुपर लीग (ISL) क्लब बेंगलुरु एफसी (Bengaluru FC) के लिए खेलते हैं।
- नागरिकता प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी, जिसमें भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से मंजूरी की आवश्यकता थी।
- बीते शुक्रवार, 7 नवंबर, 2025 को रियान विलियम्स को उनका भारतीय पासपोर्ट सौंपा गया।
- इस भावनात्मक पल को बेंगलुरु एफसी के कैंप में भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री ने और यादगार बना दिया, जिन्होंने विलियम्स को पासपोर्ट सौंपने से पहले एक मज़ेदार ‘नागरिकता टेस्ट’ लिया, जिसमें उनसे भारतीय स्ट्रीट फूड और पॉप कल्चर के बारे में सवाल पूछे गए।
भारतीय टीम के लिए डेब्यू
विलियम्स को AFC एशियन कप 2027 क्वालीफायर की तैयारी के लिए राष्ट्रीय टीम के कैंप में शामिल कर लिया गया है।
- संभावित डेब्यू: वह 18 नवंबर को ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले AFC एशियन कप क्वालीफायर मैच में डेब्यू कर सकते हैं।
- टीम को मजबूती: मिडफ़ील्ड और विंग पर खेलने वाले रियान विलियम्स अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव (उन्होंने 2019 में ऑस्ट्रेलिया की सीनियर टीम का भी प्रतिनिधित्व किया था) और गति (pace) से भारतीय टीम को एक नई आक्रामक धार देंगे।
भारतीय फुटबॉल में नया दौर
रियान विलियम्स, जापान में जन्मे इज़ुमी अराता (Izumi Arata) के बाद, दूसरे ऐसे पेशेवर फुटबॉलर बन गए हैं जिन्होंने विदेशी नागरिकता छोड़कर भारत का पासपोर्ट लिया है और राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।
यह कदम AIFF की उस पहल को पहली बड़ी सफलता दिलाता है, जिसके तहत भारतीय मूल के या विदेशी नागरिकता वाले उन खिलाड़ियों को टीम में लाने का प्रयास किया जा रहा है, जो देश के लिए खेलने के इच्छुक हैं। इस ऐतिहासिक कदम से भविष्य में विदेशों में खेल रहे अन्य भारतीय मूल के पेशेवर खिलाड़ियों को भी भारत की ओर से खेलने के लिए प्रेरित होने की उम्मीद है।