
“यह एक अचानक और प्रतिशोध की भावना से भरी कार्रवाई थी। हमने तो हाई कोर्ट में अवैध वेंडिंग के खिलाफ याचिका दायर की थी, लेकिन निशाना हमें बनाया गया,” – अशोक रंधावा

21 मई 2025 – दिल्ली का सबसे लोकप्रिय और किफायती फैशन हब Sarojni Nagar Market एक बार फिर सुर्खियों में है। 18 मई 2025 की देर रात, नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) द्वारा की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने पूरे बाज़ार में हड़कंप मचा दिया।
आधी रात में चला बुलडोज़र
शनिवार और रविवार की दरमियानी रात 11:30 बजे से 1:00 बजे के बीच NDMC ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बाजार में दुकानों के आगे बने एक्सटेंशन, छतरियां और साइनबोर्ड तोड़ दिए। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई जब बाजार पूरी तरह बंद था।सरोजिनी नगर मिनी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने बताया कि इस कार्रवाई से करीब 500 दुकानें प्रभावित हुईं। उनका कहना है कि NDMC ने वैध दुकानदारों की भी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
DMC की दलील
NDMC का कहना है कि यह कदम भीड़भाड़ और सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी था। लेकिन दुकानदारों का आरोप है कि यह कार्रवाई चुनिंदा और पक्षपातपूर्ण रही।
व्यापारियों का गुस्सा और नुकसान
सरोजिनी मार्केट शॉपकीपर्स एसोसिएशन ने इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की और इसे “दिखावटी कदम” बताया। उन्होंने ग्राहकों को आश्वस्त किया कि बाजार खुला है और सामान्य रूप से काम कर रहा है।
हालांकि, बाजार के कई दुकानदार अब भी सदमे और असमंजस में हैं, खासकर क्योंकि NDMC की ओर से अब तक कोई स्पष्ट मुआवजा योजना या सहायता पैकेज घोषित नहीं किया गया है।
आग की घटना ने बढ़ाई चिंता
इसी रात, 18 मई को तीन दुकानों में आग लगने की खबर भी आई, जिससे नुकसान और बढ़ गया। सौभाग्यवश, कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन यह घटना दुकानदारों के लिए और परेशानी लेकर आई।
Sarojni Nagar Market में हुई यह अचानक तोड़फोड़ ना सिर्फ दुकानदारों की आजीविका पर हमला है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाती है। जब तक कोई ठोस मुआवजा नीति और स्पष्ट संवाद नहीं होता, बाजार में गुस्सा और अविश्वास गहराता रहेगा।