
रांची: झारखंड सरकार के शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार करते हुए 148 मिडिल स्कूलों को हाई स्कूल (कक्षा 9 और 10) में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। यह कदम उन क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहां हाई स्कूल उपलब्ध नहीं थे।
मुख्य बिंदु:
- शिक्षकों की व्यवस्था: अपग्रेडेशन के साथ ही इन स्कूलों में प्लस-टू स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों को शिक्षण कार्य के लिए नियुक्त किया जाएगा। आवश्यकतानुसार अन्य शिक्षकों को भी प्रतिनियुक्त (depute) किया जाएगा, ताकि शिक्षण में किसी प्रकार की कमी न आए।
- नामांकन प्रक्रिया: इस शैक्षणिक सत्र से ही इन स्कूलों में 9वीं कक्षा में नामांकन शुरू किया जाएगा। इससे स्थानीय छात्र बिना दूर यात्रा किए अपनी शिक्षा जारी रख पाएंगे।
- बुनियादी ढांचे का विकास: अपग्रेडेड स्कूलों में नए कमरे, लैब और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
क्षेत्रवार वितरण (मुख्य जिले):
- रांची: 10 से अधिक स्कूल अपग्रेड
- पलामू: प्रमुख ग्रामीण हिस्सों को कवर
- देवघर: ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
- अन्य जिले: हजारीबाग, गिरिडीह और पश्चिमी सिंहभूम के स्कूल भी योजना में शामिल
लाभ:
- ड्रॉपआउट दर में कमी: 8वीं कक्षा के बाद स्कूल दूर होने के कारण कई छात्र, विशेषकर छात्राएं, पढ़ाई छोड़ देते थे। अब घर के पास हाई स्कूल होने से छात्र अपनी शिक्षा जारी रख पाएंगे।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: प्लस-टू स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों की मदद से छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।
- वित्तीय राहत: गरीब परिवारों के बच्चों को दूसरे शहरों या गांवों में रहने या ट्रांसपोर्ट पर खर्च नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों का dropout rate घटेगा।
