
महाराष्ट्र में खाने के तेल की बिक्री को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कदम उठाया है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने राज्य में खुले या बिना पैकिंग वाले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। नए नियमों का उद्देश्य तेल में मिलावट, गलत लेबलिंग, खराब पैकेजिंग और खाद्य तेल की सप्लाई चेन में होने वाली अनियमितताओं पर लगाम लगाना है।
अब खुले में नहीं बिकेगा खाने का तेल
FDA के नए निर्देश के मुताबिक खाद्य तेल को निर्धारित पैकेजिंग में ही बेचा जाना चाहिए। दुकानदारों को ड्रम, कंटेनर या बड़े पैक से तेल निकालकर ग्राहकों को खुले में बेचने की अनुमति नहीं होगी।
FDA का कहना है कि खुले तेल में ग्राहक के लिए तेल के निर्माता, स्रोत, बैच नंबर, उत्पादन और एक्सपायरी की जानकारी उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में तेल की गुणवत्ता और उसके स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
पैक्ड तेल खरीदने की सलाह
तुकाराम मुंडे ने लोगों से अपील की है कि वे खुला या बिना सील वाला खाद्य तेल न खरीदें। पैक्ड तेल खरीदते समय पैकेट की सील, लेबल, निर्माण तारीख और एक्सपायरी डेट जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
यह नियम सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी, राइस ब्रान, पाम, नारियल और मक्का सहित कई तरह के खाद्य तेलों पर लागू होगा।
जांच में सामने आईं कई गड़बड़ियां
FDA के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में खाद्य तेल के 1,247 सैंपल लिए गए, जिनमें से 1,142 की जांच की गई। जांच में 77 सैंपल घटिया गुणवत्ता वाले पाए गए, जबकि 15 मामलों में गलत ब्रांडिंग की जानकारी सामने आई।
इस दौरान FDA ने करीब 3.20 लाख किलो खाद्य तेल का स्टॉक जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 5.31 करोड़ रुपये बताई गई है।
सरसों के तेल में मिलावट पर भी सख्ती
FDA ने सरसों के तेल में दूसरे खाद्य तेलों की मिलावट को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सरसों के तेल में दूसरे खाद्य तेल मिलाना प्रतिबंधित है।
जांच के दौरान कुछ जगहों पर पुराने या जंग लगे डिब्बों में खाद्य तेल पैक किए जाने की बात भी सामने आई। FDA ने ऐसी पैकेजिंग को असुरक्षित बताया है।
इस्तेमाल किए तेल को दोबारा गर्म करने पर चेतावनी
FDA ने केवल खुले तेल की बिक्री पर ही नहीं, बल्कि इस्तेमाल किए गए तेल को बार-बार गर्म करने और दोबारा इस्तेमाल करने को लेकर भी चेतावनी दी है।
तुकाराम मुंडे के अनुसार, तेल को बार-बार तेज तापमान पर गर्म करने से कुछ हानिकारक यौगिक बन सकते हैं। इसलिए खाद्य प्रतिष्ठानों और कारोबारियों को इस्तेमाल किए तेल के दोबारा इस्तेमाल को लेकर खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।
तेल के परिवहन पर भी नजर
FDA ने खाद्य तेल के परिवहन और भंडारण को लेकर भी नियमों पर जोर दिया है। खाद्य तेल को ऐसे टैंकर में ले जाने की अनुमति नहीं होगी जिसमें पहले गैर-खाद्य तेल या खतरनाक सामग्री ढोई गई हो।
इसके अलावा तेल को सीधे धूप और तेज गंध वाले पदार्थों से बचाकर रखने की आवश्यकता बताई गई है।
नियम तोड़ने पर भारी कार्रवाई
FDA के अनुसार खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत गंभीर उल्लंघनों में कड़ी सजा का प्रावधान है। कुछ मामलों में सात साल तक की जेल से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान लागू हो सकता है। वहीं बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार चलाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
छोटे दुकानदारों पर क्या असर होगा?
खुले तेल की बिक्री पर रोक का सीधा असर उन छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर पड़ सकता है जो बड़े ड्रम या कंटेनर से ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से तेल निकालकर बेचते हैं।
अब ऐसे कारोबारियों को पैक्ड और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य तेल की बिक्री करनी होगी। इससे ग्राहकों को तेल के निर्माता, बैच और एक्सपायरी जैसी जानकारी आसानी से मिल सकेगी और किसी शिकायत की स्थिति में उत्पाद के स्रोत का पता लगाना भी आसान होगा।
सरकार का मकसद क्या है?
FDA के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य तेल की गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करना है। खुले तेल की स्थिति में मिलावट या खराब भंडारण का पता लगाना मुश्किल होता है, जबकि पैक्ड उत्पाद पर मौजूद जानकारी के जरिए निर्माता और सप्लाई चेन तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान होता है।
महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने मिलावट, खराब पैकेजिंग, गलत लेबलिंग और असुरक्षित भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के संकेत दिए हैं।
अब महाराष्ट्र में ग्राहकों को खुला तेल खरीदने के बजाय सीलबंद और सही लेबल वाले पैक्ड तेल को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में FDA की जांच और कार्रवाई से यह साफ होगा कि नए नियमों का बाजार पर कितना असर पड़ता है।
