
दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े अवमानना मामले के बीच पत्रकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने जस्टिस शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियां हटा दी हैं। सौरभ दास का कहना है कि उन्होंने कोई पोस्ट या कमेंट डिलीट नहीं किया और अदालत में गलत जानकारी पेश की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर आपराधिक अवमानना याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि सौरभ दास, अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ किए गए सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिए हैं। इसी दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह पूरी तरह झूठा आरोप है।
सौरभ दास ने क्या कहा?
सौरभ दास ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपनी टिप्पणियां नहीं हटाईं। उनका कहना है कि उनकी रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया पोस्ट आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अदालत के सामने गलत तथ्य रखकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने सौरभ दास, आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय सहित अन्य पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई 21 सितंबर तय की है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभियान चलाने के आरोप सामने आए। इसके बाद अदालत ने कई नेताओं और पत्रकारों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। याचिका में आरोप है कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए न्यायपालिका की छवि प्रभावित करने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर संबंधित पक्ष इन आरोपों का लगातार खंडन कर रहे हैं।
फिलहाल क्या स्थिति है?
अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा है। अंतिम फैसला सुनवाई पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
