Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Buy SmartMag Now
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    Facebook X (Twitter) Instagram
    News Box Bharat
    • Hindi News
    • News
      • Sport
      • Health
      • Videos
      • Technology
      • Entertainment
    • Sport
    • Videos
    • Politics
    • Latest
    • Business
    • Economy
    • World
    Subscribe
    News Box Bharat
    Home»Letest Hindi News»RSS के पथ संचलन में शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षक सस्पेंड, प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना
    Letest Hindi News

    RSS के पथ संचलन में शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षक सस्पेंड, प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना

    News Box BharatBy News Box BharatAugust 28, 20264 Mins Read
    कर्नाटक में RSS पथ संचलन में शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षकों के निलंबन से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।
    Buy Ad Space

    कर्नाटक के यादगीर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन में शामिल होने के मामले में दो सरकारी शिक्षकों के निलंबन ने राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित किया है। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस कार्रवाई को लेकर कर्नाटक सरकार पर निशाना साधते हुए निलंबन वापस लेने की मांग की है।

    किन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई?

    निलंबित शिक्षकों की पहचान गुरुराज जोशी और अन्ना साहेब देशमुख के रूप में हुई है। गुरुराज जोशी हुंसागी स्थित सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में सहायक शिक्षक हैं, जबकि अन्ना साहेब देशमुख सुरपुर तालुक के कुप्पी सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल में प्रधान शिक्षक हैं।

    शिक्षा विभाग ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर्नाटक सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 2021 के कथित उल्लंघन के आधार पर की है। विभाग का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को ऐसी राजनीतिक या वैचारिक गतिविधियों में शामिल होने से जुड़े नियमों का पालन करना होता है।

    मामला करीब नौ महीने पुराना

    यह मामला तत्काल की किसी घटना से जुड़ा नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, शिक्षकों ने 10 अक्टूबर 2025 को हुंसागी में आयोजित RSS के पथ संचलन में हिस्सा लिया था। इसके बाद मामले की शिकायत की गई और विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।

    गुरुराज जोशी को विभाग की ओर से 13 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। अपने जवाब में उन्होंने कहा था कि कार्यक्रम रविवार को हुआ था, यानी स्कूल के कामकाजी समय के बाहर था और यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रम था। विभाग ने इस स्पष्टीकरण को स्वीकार नहीं किया।

    आंबेडकर स्वाभिमानी सेना की शिकायत के बाद मामला बढ़ा

    मामले में आंबेडकर स्वाभिमानी सेना के जिला अध्यक्ष जुमन्ना गुडिमानी की ओर से शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत की गई थी। शिकायत में RSS के कार्यक्रम में सरकारी शिक्षकों की भागीदारी को सेवा नियमों के खिलाफ बताया गया।

    इसके बाद यादगीर के शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की। निलंबन आदेश 20 अगस्त 2026 को जारी किए गए और विभागीय जांच जारी है।

    प्रह्लाद जोशी ने कार्रवाई को बताया ‘प्रतिशोधात्मक’

    केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षकों के निलंबन पर कर्नाटक सरकार को घेरा है। उन्होंने कार्रवाई को कथित तौर पर “नफरत” और “प्रतिशोध” से प्रेरित बताया और सरकार से निलंबन वापस लेने की मांग की।

    जोशी ने यह भी कहा कि पहले भी सरकारी कर्मचारियों की RSS गतिविधियों में भागीदारी से जुड़े मामलों में अदालतों ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा निलंबन आदेश भी अदालत में टिक नहीं पाएगा।

    सरकार की ओर से क्या तर्क है?

    दूसरी ओर, कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कार्रवाई का बचाव किया है। सरकार का तर्क है कि मामला किसी संगठन के समर्थन या विरोध से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों के सेवा आचरण नियमों से जुड़ा है।

    यानी विवाद का मुख्य सवाल यह है कि क्या सरकारी शिक्षक अपने आधिकारिक पद की मर्यादा और सेवा नियमों के दायरे में रहते हुए किसी वैचारिक संगठन के सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं।

    मामला अब राजनीतिक मुद्दा क्यों बन गया?

    शिक्षकों के निलंबन के बाद BJP नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है। वहीं सरकार इसे कर्मचारियों के आचरण नियमों से जुड़ा प्रशासनिक मामला बता रही है। इससे RSS की गतिविधियों, सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक/वैचारिक भागीदारी और सरकारी सेवा नियमों की व्याख्या को लेकर बहस तेज हो गई है।

    क्या है पूरा मामला एक नजर में?

    • दो सरकारी शिक्षक निलंबित किए गए।
    • दोनों यादगीर जिले में तैनात हैं।
    • आरोप है कि उन्होंने RSS के पथ संचलन में हिस्सा लिया।
    • कार्यक्रम 10 अक्टूबर 2025 को हुआ था।
    • विभाग ने सेवा आचरण नियमों के कथित उल्लंघन का हवाला दिया।
    • आंबेडकर स्वाभिमानी सेना की शिकायत के बाद मामला आगे बढ़ा।
    • दोनों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है।
    • प्रह्लाद जोशी ने निलंबन वापस लेने की मांग की है।

    आगे क्या होगा?

    फिलहाल अंतिम फैसला विभागीय जांच के बाद होगा। जांच में शिक्षकों के कार्यक्रम में शामिल होने की परिस्थितियों और सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोपों की समीक्षा की जाएगी। दूसरी तरफ BJP की ओर से कार्रवाई को चुनौती देने और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने के संकेत दिए गए हैं।

    कर्नाटक में दो सरकारी शिक्षकों का RSS पथ संचलन में शामिल होना अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक विवाद बन गया है। सरकार इसे सेवा नियमों का मामला बता रही है, जबकि BJP इसे विचारधारा के आधार पर की गई कार्रवाई बता रही है। अब सबकी नजर विभागीय जांच और आगे होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर है।

    karnataka news rss
    Previous Articleरूस पहुंचकर CIA चीफ ने दी NATO को लेकर चेतावनी, ईरान और होर्मुज पर भी हुई गुप्त बातचीत; पुतिन से नहीं मिले रैटक्लिफ
    Next Article सूरत के मछली बाजार के नाम पर क्यों आमने-सामने आए व्यापारी? पीएम मोदी के नाम को लेकर क्या है विवाद

    Explore More

    September 7, 20263 Mins Read

    सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: भिवाड़ी से पकड़ा गया मालिक हरिराम बंसल, हादसे में 8 लोगों की मौत

    September 7, 20263 Mins Read

    अरिजीत सिंह को हराकर बने थे स्टार, फिर 20 साल तक रहे गुमनाम, अब Bigg Boss 20 में काजी तौकीर की वापसी

    September 7, 20263 Mins Read

    राजस्थान: 13 साल तक सर्जरी का इंतजार, AIIMS में तन्वी की मौत के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

    Sponsored

    Fire-boltt Dhoni
    Latest Hindi News
    • सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: भिवाड़ी से पकड़ा गया मालिक हरिराम बंसल, हादसे में 8 लोगों की मौत September 7, 2026
    • अरिजीत सिंह को हराकर बने थे स्टार, फिर 20 साल तक रहे गुमनाम, अब Bigg Boss 20 में काजी तौकीर की वापसी September 7, 2026
    • राजस्थान: 13 साल तक सर्जरी का इंतजार, AIIMS में तन्वी की मौत के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप September 7, 2026
    • Bigg Boss 20 में मैरी कॉम की एंट्री, प्रियंका चोपड़ा ने दी चेतावनी- ‘इनका नॉकआउट बहुत भारी पड़ता है’ September 7, 2026
    • पेट्रोल से बदला लोगों का भरोसा! CNG, हाइब्रिड और EV ने पहली बार छोड़ा पीछे, अगस्त के आंकड़ों ने चौंकाया September 7, 2026
    • महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे, CM विजय की सख्त चेतावनी; तृषा विवाद के बीच दिया बड़ा बयान September 7, 2026
    • प्रयागराज में फिर बढ़ सकती है गंगा-यमुना, चंबल-बेतवा के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा; वाराणसी में गाद ने बढ़ाई परेशानी September 7, 2026
    • एशिया में 1997 जैसा आर्थिक संकट आने का खतरा? HSBC के चीफ इकोनॉमिस्ट ने बताया नया ‘विलेन’ September 7, 2026
    • सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी इमारत, मलबे में फंसे छात्रों को बचाने में जुटे लोग September 6, 2026
    • मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार September 6, 2026
    Categories
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Privacy & Policy
    • Terms & Conditions
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.