
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। खारान जिले के लज्जे इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इस कार्रवाई में जमीनी सैनिकों के साथ लड़ाकू हेलिकॉप्टर और सैन्य ड्रोन भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
खारान में जमीनी और हवाई कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने खारान के लज्जे इलाके में खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाया है। पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि कार्रवाई के दौरान कम से कम 7 उग्रवादी मारे गए और उनके ठिकानों को नष्ट किया गया। इस अभियान को ‘ऑपरेशन रद-उल-फितना 3’ बताया गया है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई केवल एक इलाके तक सीमित नहीं बताई जा रही है। बलूचिस्तान के कई संवेदनशील जिलों में जमीनी सैनिकों की तैनाती के साथ हवाई निगरानी और हमलों की गतिविधियां बढ़ी हैं।
ड्रोन हमले में किसान की मौत का दावा
ऑपरेशन के दौरान एक ड्रोन हमले में एक स्थानीय किसान की मौत होने की खबर सामने आई है। कुछ स्थानीय सूत्रों ने कई अन्य नागरिकों के घायल होने की आशंका भी जताई है। हालांकि, नागरिकों की मौत और नुकसान से जुड़े इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि उग्रवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान की चपेट में आम नागरिक और चरवाहे आ रहे हैं।
बलूचिस्तान में पहले भी हो चुका है बड़ा सैन्य अभियान
बलूचिस्तान में अलगाववादी हिंसा के खिलाफ पाकिस्तान पहले भी बड़े सैन्य अभियान चला चुका है। फरवरी 2026 में पाकिस्तानी सेना ने एक सप्ताह तक चले अभियान के दौरान 216 उग्रवादियों को मारने का दावा किया था। उस दौरान भी ड्रोन और हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया था।
हाल के दिनों में भी क्षेत्र में सुरक्षा बलों और बलूच अलगाववादी समूहों के बीच संघर्ष जारी रहा है। 12 अगस्त को पाकिस्तानी अधिकारियों ने एक अभियान में 10 उग्रवादियों के मारे जाने का दावा किया था।
क्यों बढ़ा है बलूचिस्तान में तनाव?
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा से प्रभावित रहा है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) सहित कई सशस्त्र समूह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते रहे हैं। पाकिस्तान इन समूहों के खिलाफ लगातार सैन्य और सुरक्षा अभियान चला रहा है।
इस बढ़ती हिंसा का असर आम नागरिकों के साथ-साथ क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी पड़ता रहा है।
आगे क्या?
बलूचिस्तान में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में स्थिति और संवेदनशील हो सकती है। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से अभियान को उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई बताया जा रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर नागरिकों पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
