
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसके लिए “रेड लाइन” है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान के पानी को प्रभावित करने की कोशिश की तो इसका सीधा जवाब दिया जाएगा।
शहबाज शरीफ ने ये बयान पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से पहले इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। उन्होंने एक तरफ पाकिस्तान को शांति का समर्थक बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
सिंधु जल समझौते को लेकर क्या बोले शहबाज?
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने हिस्से के पानी की सुरक्षा करेगा और पानी के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक पाकिस्तान के लिए पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने भारत को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर नई दिल्ली अपने रुख से पीछे नहीं हटती है तो पाकिस्तान की तरफ से सीधा जवाब दिया जाएगा।
भारत ने क्यों रोका सिंधु जल समझौता?
भारत ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को अस्थायी रूप से अमल से बाहर (in abeyance) रखने का फैसला किया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
भारत का कहना रहा है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद जारी रहने की स्थिति में पहले जैसी परिस्थितियों में इस समझौते को चलाना संभव नहीं है। नई दिल्ली ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और स्थायी रूप से खत्म करना होगा।
1960 में हुआ था सिंधु जल समझौता
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता वर्ष 1960 में हुआ था। विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के पानी के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के अधिकार और जिम्मेदारियां तय की गई थीं।
समझौते के तहत पूर्वी नदियों—रावी, ब्यास और सतलुज—पर भारत को प्रमुख अधिकार मिला, जबकि पश्चिमी नदियों—सिंधु, झेलम और चिनाब—के पानी के इस्तेमाल में पाकिस्तान को बड़ा हिस्सा मिला।
शहबाज ने 2025 के संघर्ष का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती दी गई तो उनका देश पहले से भी ज्यादा मजबूत जवाब देगा।
हालांकि, पानी के मुद्दे पर उनका ताजा बयान फिलहाल राजनीतिक और कूटनीतिक चेतावनी के तौर पर सामने आया है। दोनों देशों के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर विवाद पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा है।
भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में फिर बढ़ा तनाव
सिंधु जल समझौते का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कड़े कदम उठाए थे और इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव भी हुआ।
अब शहबाज शरीफ की ताजा टिप्पणी से पानी का मुद्दा एक बार फिर दोनों देशों के बीच राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
शहबाज शरीफ के बयान की बड़ी बातें
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पानी को देश की “रेड लाइन” बताया।
- भारत के खिलाफ सीधे जवाब की चेतावनी दी।
- भारत ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को अमल में रखने से रोक दिया था।
- भारत का कहना है कि सीमा पार आतंकवाद और सामान्य संबंध साथ-साथ नहीं चल सकते।
- सिंधु जल समझौता 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ था।
- ताजा बयान से भारत-पाकिस्तान के बीच जल विवाद को लेकर तनाव फिर बढ़ा है।
आगे क्या हो सकता है?
शहबाज शरीफ के बयान के बाद आने वाले दिनों में भारत की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच दशकों पुराना समझौता है, इसलिए इसके भविष्य को लेकर किसी भी बड़े फैसले का असर सिर्फ दोनों देशों की राजनीति पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जल सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से कड़ा बयान सामने आया है, जबकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सिंधु जल समझौते को लेकर उसका रुख सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे से जुड़ा हुआ है।
