
23 मई 2026: मॉडल और कंटेंट क्रिएटर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल डाउरी डेथ केस में अब बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। समर्थ सिंह के खिलाफ गंभीर आरोपों के बीच Bar Council of India ने उनका वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है मामला?
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा के परिवार ने पति समर्थ सिंह और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि मौत से पहले ट्विशा लगातार परेशान थी और उसने कई बार अपनी स्थिति को लेकर चिंता जताई थी।
बार काउंसिल ने उठाया बड़ा कदम
मामले की गंभीरता को देखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने समर्थ सिंह को कानूनी प्रैक्टिस से निलंबित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि आरोपों की जांच पूरी होने तक वह वकालत नहीं कर सकेंगे।
परिवार ने लगाए VIP ट्रीटमेंट के आरोप
ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि प्रभावशाली पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण आरोपियों को विशेष सुविधा (VIP Treatment) मिल रही है। परिवार ने जांच प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है। इसी वजह से वे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
CBI जांच की मांग हुई तेज
मामले में बढ़ते विवाद और निष्पक्ष जांच की मांग के बीच राज्य सरकार ने केस को CBI को सौंपने की सिफारिश की है। वहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले की गहन जांच के लिए दूसरा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दी है।
आरोपी पति ने किया सरेंडर
करीब 10 दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इससे पहले उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी थी।
आगे क्या?
ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि मामला CBI को सौंपा जाता है, तो जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है।
