
आज पूरे भारत में दवा विक्रेताओं (केमिस्ट्स) की एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू हो गई है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर देश के करीब 12 से 15 लाख केमिस्ट और ड्रग डिस्ट्रीब्यूटर आज अपनी दुकानें बंद रख रहे हैं।हड़ताल का कारणकेमिस्ट संगठन मुख्य रूप से ई-फार्मेसी (ऑनलाइन दवा बिक्री) के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
उनका कहना है कि:
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स बिना सही प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेच रहे हैं।
- वे 20-50% तक भारी डिस्काउंट दे रहे हैं, जबकि पारंपरिक केमिस्ट्स को सिर्फ 16-20% मार्जिन मिलता है।
- इससे नकली दवाओं (स्प्यूरियस ड्रग्स) का खतरा बढ़ रहा है और मरीजों की सुरक्षा को खतरा है।
- दो सरकारी नोटिफिकेशन्स (GSR 817(E) और GSR 220(E)) के कारण ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है।
केमिस्टों की मांग है कि सरकार इन नोटिफिकेशन्स को वापस ले और ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करे।
आज की स्थिति
- दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु समेत लगभग सभी बड़े शहरों और छोटे कस्बों में ज्यादातर मेडिकल स्टोर बंद दिख रहे हैं।
- अस्पतालों की फार्मेसी और इमरजेंसी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।
- कुछ राज्यों में स्थानीय केमिस्ट संगठनों ने हड़ताल से खुद को अलग रखा है, इसलिए कुछ जगहों पर दुकानें खुली भी हो सकती हैं।
- सामान्य बीमारियों की दवाएं, खासकर क्रॉनिक पेशेंट्स (डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, थायरॉइड आदि) की दवाओं की कमी महसूस की जा रही है।
मरीजों पर असर
बहुत से मरीज और उनके परिजन आज सुबह दवा खरीदने पहुंचे तो दुकानें बंद मिलीं। खासकर बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। कई जगहों पर लोग ऑनलाइन ऑर्डर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आज केमिस्ट हड़ताल के कारण डिलीवरी भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने पहले ही आश्वासन दिया है कि हड़ताल से दवा की उपलब्धता पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कई राज्य फार्मेसी एसोसिएशन ने हड़ताल से दूरी बनाई है। कुछ राज्यों में स्वास्थ्य विभाग ने इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी की हैं।AIOCD के नेता जे.एस. शिंदे और राजीव सिंघल ने कहा है कि यह हड़ताल सिर्फ एक दिन की है, लेकिन अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो आगे और सख्त आंदोलन किया जाएगा।
