

ज़िमीन कियान (Zhimin Qian) को ‘क्रिप्टोक्वीन’ कहा जाता था, लेकिन उनकी कहानी एक शानदार शुरुआत और बेहद दुखद अंत की है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे लालच और धोखे से हज़ारों आम लोगों की ज़िंदगी भर की कमाई मिनटों में लूट ली गई।
चीन में हज़ारों लोगों का टूटा भरोसा
साल 2014 से 2017 के बीच, ज़िमीन कियान ने चीन में ‘लान्टियन गेरुई’ (Lantian Gerui) नाम की एक कंपनी चलाई। यह कंपनी लोगों को यह कहकर अपने जाल में फंसाती थी कि वे क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग और स्वास्थ्य उत्पादों में निवेश करेंगे, जिससे रोज़ाना भारी मुनाफ़ा होगा।
कियान ने खुद को “धन की देवी” की तरह पेश किया, और उनके मीठे वादों पर 1,28,000 से ज़्यादा लोगों ने भरोसा कर लिया। इनमें से ज़्यादातर बुज़ुर्ग और मध्यवर्गीय लोग थे, जिन्होंने अपनी रिटायरमेंट की जमापूंजी या जीवन भर की कमाई इस कंपनी में लगा दी।
कियान ने इन हज़ारों लोगों से करीब 40 अरब युआन (जो लगभग ₹58,000 करोड़ के बराबर थे) इकट्ठा किए। यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं थी, बल्कि एक विशाल पॉन्ज़ी स्कीम (Ponzi Scheme) थी, जहाँ नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को झूठा रिटर्न दिया जाता था।
पैसे लेकर हुई फ़रार
जब चीन की सरकार को इस धोखे की भनक लगी और जाँच शुरू हुई, तब तक ज़िमीन कियान अपना सारा काम कर चुकी थीं। वह चोरी किए हुए पैसे को बिटकॉइन में बदलकर एक नकली पासपोर्ट की मदद से 2017 में चीन से भागकर यूके (UK) पहुँच गईं।
लंदन में उन्होंने एक भगोड़े की ज़िंदगी जी। वह हज़ारों पाउंड किराए के आलीशान घरों में रहती थीं और अपनी चोरी के पैसों से महंगी चीज़ें खरीदकर उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश करती थीं।
बिटकॉइन की अब तक की सबसे बड़ी ज़ब्ती
कियान के भागने के बावजूद, यूके की पुलिस ने इस मामले की जाँच जारी रखी। उनकी मेहनत रंग लाई और 2018 में पुलिस को एक घर से 61,000 बिटकॉइन मिले। यह यूके के इतिहास में क्रिप्टोकरेंसी की अब तक की सबसे बड़ी ज़ब्ती थी। आज की तारीख में, इस बिटकॉइन की कीमत ₹50,000 करोड़ से भी ज़्यादा है।
आखिरकार, इतने बड़े धोखे की मास्टरमाइंड ज़िमीन कियान को अप्रैल 2024 में गिरफ्तार कर लिया गया।
सज़ा और न्याय की उम्मीद
नवंबर 2025 में, ज़िमीन कियान को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के जुर्म में यूके की कोर्ट ने 11 साल और 8 महीने की सज़ा सुनाई।
यह सज़ा उन हज़ारों लोगों के लिए एक छोटी-सी राहत है, जिनका जीवन कियान ने बर्बाद कर दिया था। अब सवाल यह है कि ज़ब्त किए गए अरबों के बिटकॉइन उन हज़ारों पीड़ितों को कैसे वापस मिलेंगे, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई इस धोखेबाज महिला के झाँसे में आकर खो दी थी। यह कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।
