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    न्यूयॉर्क में मोहन भागवत के कार्यक्रम पर विवाद, 61 संगठनों का विरोध तो 200 से ज्यादा समूह समर्थन में

    News Box BharatBy News Box BharatAugust 29, 20265 Mins Read
    मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर विरोध और समर्थन के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है।
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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे और मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले ‘Universal Oneness Celebration’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कार्यक्रम के विरोध में 61 संगठनों ने आवाज उठाई है, जबकि आयोजकों के अनुसार 200 से ज्यादा हिंदू-अमेरिकी संगठन इसके समर्थन में जुड़े हैं। इस विवाद में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की टिप्पणी और अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी संस्था की मांग ने भी मामला गरमा दिया है।

    ममदानी ने कहा- RSS की विचारधारा का विरोध करता हूं

    न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भागवत के कार्यक्रम को लेकर खुलकर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि वह RSS की विचारधारा के कड़े विरोध में हैं। हालांकि, ममदानी ने यह भी माना कि यह एक निजी कार्यक्रम है और शहर प्रशासन के पास इसे रद्द कराने का अधिकार शायद नहीं है।

    ममदानी की टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों और अलग-अलग सामाजिक संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है।

    61 संगठनों ने किया विरोध

    कार्यक्रम के खिलाफ 61 संगठनों ने मोर्चा खोला है। इनमें कुछ ऐसे हिंदू संगठन भी शामिल हैं, जिन्होंने कहा है कि RSS उनके विचारों या अमेरिकी हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता। विरोध करने वाले संगठनों ने RSS की विचारधारा को लेकर अपनी आपत्तियां जताई हैं और कार्यक्रम के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है।

    29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई थी।

    दूसरी तरफ 200 से ज्यादा संगठन समर्थन में

    विरोध के बीच आयोजकों का दावा है कि 200 से ज्यादा हिंदू-अमेरिकी संगठन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं और हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ जाना नहीं बल्कि भारतीय सभ्यता, संवाद और वैश्विक एकता की बात करना है।

    कार्यक्रम की प्रवक्ता प्रिय समंत के मुताबिक अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों को भी मंच पर जगह दी जाएगी। उनका कहना है कि ‘oneness’ का मतलब सभी का एक जैसा होना नहीं, बल्कि मतभेदों के बावजूद एक साथ काम करना है।

    RSS ने भी दिया जवाब

    विवाद बढ़ने के बाद RSS ने कार्यक्रम का बचाव किया। RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि ‘Universal Oneness Celebration’ खुले संवाद और आपसी सम्मान की भावना से आयोजित किया जा रहा है। संगठन ने इसे भारतीय ethos और सभी के लिए खुले मंच के रूप में पेश किया है।

    RSS ने उन लोगों को भी कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया है जो संगठन की विचारधारा को समझना चाहते हैं।

    USCIRF ने वीजा रद्द करने की मांग की

    विवाद सिर्फ न्यूयॉर्क तक सीमित नहीं रहा। US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) ने अमेरिकी प्रशासन से मोहन भागवत का वीजा रद्द करने और RSS से जुड़े लोगों पर संभावित प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह मांग कार्यक्रम को लेकर विवाद को और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले गई।

    हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी सरकार की ओर से ऐसी मांग पर कोई सार्वजनिक कार्रवाई घोषित नहीं की गई है।

    AHEAD का X अकाउंट भी हुआ था सस्पेंड

    कार्यक्रम के आयोजक American Hindus for Engagement and Dialogue (AHEAD) का X अकाउंट भी कार्यक्रम से कुछ दिन पहले सस्पेंड हो गया था। आयोजकों ने अकाउंट बहाल करने की अपील की थी। इस घटनाक्रम ने विवाद को और हवा दी।

    टाइम्स स्क्वायर पर दिखा मोहन भागवत का पोस्टर

    29 अगस्त को कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले न्यूयॉर्क के मशहूर टाइम्स स्क्वायर पर मोहन भागवत की तस्वीर वाला डिजिटल बिलबोर्ड भी दिखाई दिया। कार्यक्रम के समर्थकों के लिए यह प्रचार का बड़ा हिस्सा रहा, जबकि विरोधियों के लिए यह RSS की अमेरिका में बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी का प्रतीक बन गया।

    सुरक्षा को लेकर भी अलर्ट

    कार्यक्रम को लेकर Hindu American Foundation (HAF) ने समुदाय के लिए सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की थी। यानी विवाद सिर्फ राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर नहीं रहा, बल्कि कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत महसूस की गई।

    राम माधव बोले- विरोध का उल्टा फायदा हुआ

    इसी बीच बीजेपी नेता राम माधव ने दावा किया कि ममदानी और अन्य लोगों के विरोध से कार्यक्रम को उल्टा ज्यादा प्रचार मिला। उनके मुताबिक शुरुआत में विरोध करने वाले करीब 60 संगठनों के मुकाबले अब 200 से ज्यादा संगठन कार्यक्रम के समर्थन में सामने आए हैं।

    हालांकि, 200 और 61 के आंकड़े अलग-अलग पक्षों/आयोजकों द्वारा बताए गए हैं, इसलिए इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित संख्या के बजाय संबंधित पक्षों के दावे के तौर पर देखना बेहतर होगा।

    क्यों अहम है यह कार्यक्रम?

    RSS अपने शताब्दी वर्ष के दौरान वैश्विक स्तर पर संपर्क और पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। न्यूयॉर्क का यह कार्यक्रम इसी अंतरराष्ट्रीय आउटरीच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, विरोध करने वाले संगठन इसे RSS की विचारधारा को अमेरिका में सार्वजनिक मंच देने के रूप में देखते हैं।

    मोहन भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम ने अब सिर्फ एक प्रवासी भारतीय आयोजन का रूप नहीं रखा है। 61 संगठनों का विरोध, 200 से ज्यादा संगठनों का समर्थन, ममदानी की आपत्ति, USCIRF की वीजा संबंधी मांग और टाइम्स स्क्वायर पर भागवत का प्रचार—इन घटनाओं ने इसे अमेरिका में RSS की भूमिका और भारत की राजनीति पर बड़ी बहस में बदल दिया है।

    Mohan Bhagwat rss zohran mamdani
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